शायराना अंदाज़ में सीएम योगी का सपा पर वार, सदन में मचा सियासी हलचल !

सपा पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि उनके आचरण की वजह से ही यूपी की छवि खराब हुई थी.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार (13 फरवरी) को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, खासतौर पर समाजवादी पार्टी पर तीखा और शायराना हमला बोला। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने न सिर्फ राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्ष के आचरण को लेकर कड़ा ऐतराज भी जताया। उन्होंने कहा कि अभिभाषण के दौरान विपक्ष का व्यवहार संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था, जिससे पूरे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।

शायराना अंदाज़ में सीएम योगी का सपा पर वार, सदन में मचा सियासी हलचल !
शायराना अंदाज़ में सीएम योगी का सपा पर वार, सदन में मचा सियासी हलचल !

सीएम योगी ने कहा कि आज भारत दुनिया को दिशा दिखा रहा है और उत्तर प्रदेश इस बदलाव का अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब यूपी को संदेह की नजर से देखा जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। “अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता। आज उत्तर प्रदेश भारत के विकास का अग्रिम इंजन बनकर उभरा है,” मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा।

शायराना अंदाज़ में सीएम योगी का सपा पर वार, सदन में मचा सियासी हलचल !
शायराना अंदाज़ में सीएम योगी का सपा पर वार, सदन में मचा सियासी हलचल !

अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर पढ़ा— “धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करते रहे।” इस शेर के जरिए उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा अपनी कमियों पर आत्ममंथन करने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाने की राजनीति करती रही है। उनका कहना था कि सपा के आचरण के कारण ही लंबे समय तक यूपी की छवि खराब रही।

सीएम योगी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने अभिभाषण के दौरान मातृशक्ति का अपमान किया, जिससे पूरे प्रदेश की जनता आहत महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सबको है, लेकिन असहमति को अशोभनीय व्यवहार में बदल देना स्वीकार्य नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने सदन को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए कहा कि यहां मर्यादा और अनुशासन सबसे ऊपर होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि पहले राज्य में नीतिगत उदासीनता और विकास विरोधी सोच हावी थी। “2017 के पहले योजनाएं कागजों में सिमटी रहती थीं, निवेशक यूपी आने से कतराते थे और कानून-व्यवस्था बड़ी चुनौती थी,” उन्होंने कहा। इसके विपरीत, पिछले नौ वर्षों में अनुशासन और जवाबदेही के साथ विकास की नई परिभाषा गढ़ी गई है।

उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के चलते निवेशकों का भरोसा यूपी पर बढ़ा है।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि विपक्ष को चाहिए कि वह सकारात्मक राजनीति करे और विकास के मुद्दों पर सरकार का सहयोग करे। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को विकास के एजेंडे पर जनादेश दिया है और सरकार उसी दिशा में लगातार काम कर रही है। “हम आलोचना से नहीं घबराते, लेकिन आलोचना तथ्यपूर्ण और मर्यादित होनी चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।

अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश आज नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में राज्य देश की अर्थव्यवस्था में और बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है और विपक्ष को भी इसी भावना के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए।

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