T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की नजरें लगातार चौथी जीत दर्ज पर करने पर टिकी हैं। टीम इंडिया अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में नीदरलैंड का सामना करेगी।
T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त देकर भारतीय टीम ने शानदार अंदाज में सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस बड़ी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का आत्मविश्वास चरम पर है। कोलंबो में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में दमदार प्रदर्शन के चलते टीम इंडिया का नेट रन रेट +0.350 हो गया है, जिससे वह ग्रुप A में शीर्ष पर मजबूती से बनी हुई है। अब 18 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय प्लेइंग इलेवन में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पाकिस्तान पर जीत से बदला समीकरण
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारतीय टीम हर विभाग में संतुलित नजर आई। बल्लेबाजों ने अहम मौकों पर रन बनाए तो गेंदबाजों ने दबाव बनाकर विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस जीत ने न सिर्फ सुपर-8 का टिकट पक्का किया, बल्कि ग्रुप में भारत की स्थिति भी बेहद मजबूत कर दी है।
कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया इस समय लय में दिख रही है, और यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट बड़े बदलाव से बचने के मूड में नजर आ रहा है।
क्या अर्शदीप सिंह को मिलेगा मौका?

नीदरलैंड के खिलाफ मैच से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गेंदबाजी संयोजन में कोई फेरबदल होगा। खास तौर पर यह चर्चा जोरों पर है कि क्या कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह की वापसी हो सकती है। पाकिस्तान के खिलाफ कुलदीप यादव ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए मोहम्मद नवाज का विकेट लिया और 3 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 1 सफलता हासिल की थी। हालांकि, अर्शदीप सिंह का अनुभव भी कम अहम नहीं है। वह T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और नई गेंद के साथ-साथ डेथ ओवरों में भी असरदार साबित होते रहे हैं।
वॉशिंगटन सुंदर की एंट्री पर नजर

दूसरी ओर, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की संभावित वापसी को लेकर भी चर्चा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान साइड स्ट्रेन और पसली की मांसपेशियों में चोट के कारण वह बाहर हो गए थे और वर्ल्ड कप से पहले पूरी T20 सीरीज मिस कर बैठे थे। अब पूरी तरह फिट होने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। सुंदर की मौजूदगी से टीम को बल्लेबाजी में गहराई और स्पिन गेंदबाजी में अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
टीम मैनेजमेंट का रुख
हालांकि, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने साफ संकेत दिए हैं कि टीम ज्यादा प्रयोग करने के मूड में नहीं है। प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि हर मुकाबला अहम है और टीम अपनी लय को बरकरार रखना चाहती है। परिस्थितियों के अनुसार छोटे-मोटे बदलाव संभव हैं, लेकिन बड़े प्रयोग की संभावना बेहद कम है। इसका मतलब साफ है कि पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाने वाली टीम को ही प्राथमिकता मिल सकती है।
नीदरलैंड के लिए करो या मरो का मुकाबला
वहीं नीदरलैंड क्रिकेट टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। डच टीम के पास अभी भी सुपर-8 में पहुंचने का गणितीय मौका मौजूद है, लेकिन उनका नेट रन रेट -1.352 काफी खराब है। अगर पाकिस्तान नामीबिया को हरा देता है, तो नीदरलैंड टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि, अगर नामीबिया उलटफेर करता है, तो डच टीम के लिए उम्मीद की किरण बाकी रह सकती है।
संभावित प्लेइंग इलेवन
भारतीय टीम बड़े बदलाव से बचते हुए उसी संयोजन के साथ उतर सकती है जिसने पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। भारत की संभावित प्लेइंग XI इस प्रकार हो सकती है— अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में संतुलन और लय को प्राथमिकता देती है या फिर सीमित बदलाव कर बेंच स्ट्रेंथ को आजमाती है।