Lucknow में खादी–सिल्क का उत्सव, रवीन्द्रालय में सजेगा देसी हुनर का संसार !

लखनऊ के रवीन्द्रालय में यूपी हैंडलूम, सिल्क और खादी एक्सपो शुरू हुआ है. दो मार्च तक चलने वाले इस आयोजन में 60 से अधिक स्टॉल लगे हैं. यूपी सरकार बुनकरों को योजनाओं से आत्मनिर्भर बना रही है.

पारंपरिक उद्योगों को मजबूती देकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, Lucknow में आयोजित उ०प्र० हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ बुधवार को किया गया। यह एक्सपो 2 मार्च तक आमजन के लिए खुला रहेगा, जिसमें प्रदेश के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क और हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है।

Lucknow में खादी–सिल्क का उत्सव, रवीन्द्रालय में सजेगा देसी हुनर का संसार !
Lucknow में खादी–सिल्क का उत्सव, रवीन्द्रालय में सजेगा देसी हुनर का संसार !

एक्सपो में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पारंपरिक हथकरघा वस्त्रों से लेकर आधुनिक डिज़ाइन वाले परिधानों तक की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। आयोजकों के अनुसार 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का विशेष फैशन शो आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध बुनकरी परंपरा और आधुनिक फैशन के समन्वय को मंच मिलेगा।

इस अवसर पर संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित बुनकरों को सम्मानित किया गया। प्रदेश के 13 परिक्षेत्रों से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सम्मान पाकर बुनकरों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इसे अपने हुनर को आगे बढ़ाने की प्रेरणा बताया।

Lucknow में खादी–सिल्क का उत्सव, रवीन्द्रालय में सजेगा देसी हुनर का संसार !
Lucknow में खादी–सिल्क का उत्सव, रवीन्द्रालय में सजेगा देसी हुनर का संसार !

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री Rakesh Sachan ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी और दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां की कलाकृतियां देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से अपनी आजीविका चला रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना, बिचौलियों की भूमिका कम करना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। एक्सपो जैसे आयोजन सीधे उपभोक्ताओं और उत्पादकों को जोड़ने का कार्य करते हैं, जिससे बुनकरों की आय में वृद्धि होती है।

मंत्री ने कहा कि बुनकरों के कल्याण के लिए योगी सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, आईआईएचटी वाराणसी के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें लागू की गई हैं।

इसके अतिरिक्त अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। साथ ही पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई और लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश वस्त्र उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम में अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, बुनकर संगठनों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही। आयोजकों का कहना है कि यह एक्सपो न केवल खरीद-फरोख्त का मंच है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित व प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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