सरकार में रहते BJP नेता का छलका दर्द, राजनीति छोड़ने का संकेत !

5ded8790c44ace60f46ef5982670bf1a1714648778951487 original
80 / 100 SEO Score

भारतीय जनता पार्टी के नेता और योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपनी ही सरकार में परेशान दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के यहां इनकम टैक्स के छापे पर प्रतिक्रिया दी है.

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह इन दिनों अपनी ही सरकार में परेशान नजर आ रहे हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद उनके बयान और सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

सरकार में रहते BJP नेता का छलका दर्द, राजनीति छोड़ने का संकेत !
सरकार में रहते BJP नेता का छलका दर्द, राजनीति छोड़ने का संकेत !

दरअसल, 25 फरवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा। यह कार्रवाई सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। इसी कड़ी में भाजपा नेता और राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।

सरकार में रहते BJP नेता का छलका दर्द, राजनीति छोड़ने का संकेत !
सरकार में रहते BJP नेता का छलका दर्द, राजनीति छोड़ने का संकेत !

दिनेश प्रताप सिंह के इस बयान के सामने आते ही सियासी बवाल मच गया। विपक्ष ने इसे सरकार के भीतर असंतोष का संकेत बताया, वहीं भाजपा के अंदर भी इस पर असहजता देखने को मिली। विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने अपने बयान को लेकर सफाई पेश की और एक और फेसबुक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र किया।

अपनी सफाई में दिनेश प्रताप सिंह ने भारतीय संस्कार और संस्कृति की दुहाई दी। उन्होंने लिखा कि भारतीय संस्कृति में संवेदना और संवेदनशीलता का विशेष स्थान है और उन्हें गर्व है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संवेदनशील अभिभावक के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में रहते हुए भी मानवीय रिश्तों और भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

राज्य मंत्री ने अपने पोस्ट में निजी भावनाओं को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने लिखा कि एक बेटी का पिता होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वह अपनी बेटी के सुख-दुख में उसके साथ खड़े रहें। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “बेटी नहीं छोड़ी जा सकती है, राजनीति छोड़ी जा सकती है।” इस पंक्ति ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा। उन्होंने आगे लिखा कि जो पिता अपनी बेटी को छोड़ सकता है, उस पर राजनीति में भरोसा नहीं किया जा सकता।

दिनेश प्रताप सिंह के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक उनकी अंदरूनी पीड़ा और सरकार के भीतर असहजता के संकेत के रूप में देख रहे हैं। खास बात यह है कि वह रायबरेली जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और लंबे समय से भाजपा के मुखर नेताओं में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में अपनी ही सरकार के दौरान इस तरह का सार्वजनिक बयान देना कई सवाल खड़े करता है।

वहीं दूसरी ओर, बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह के यहां पड़े आयकर छापे को लेकर भी राजनीति गरमाई हुई है। विपक्षी दल इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से इसे कानून के तहत की गई नियमित कार्रवाई बताया जा रहा है। दिनेश प्रताप सिंह का बयान इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना देता है।

कुल मिलाकर, इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह संदेश दिया है कि सत्ता के भीतर भी असंतोष और भावनात्मक टकराव मौजूद हैं। एक तरफ योगी सरकार सुशासन और सख्त प्रशासन का दावा करती है, तो दूसरी ओर उसी सरकार के मंत्री का ऐसा बयान राजनीतिक चर्चाओं को नया मोड़ दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले को किस तरह संभालता है और क्या दिनेश प्रताप सिंह के इस बयान का कोई राजनीतिक असर सामने आता है।

Also Read :

सपा की सरकार पर मायावती का तंज, अखिलेश पर सीधा प्रहार !