कांशीराम जयंती आयोजन को बहुजन समाज पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. लखनऊ के कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हो सकती हैं.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले Bahujan Samaj Party अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज करती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में पार्टी 15 मार्च को संस्थापक Kanshi Ram की जयंती के मौके पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटी हुई है। राजधानी लखनऊ में इस अवसर पर एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की संभावना है।

इस आयोजन को लेकर पार्टी संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बसपा ने कार्यकर्ताओं से “लखनऊ चलो” का आह्वान किया है ताकि कांशीराम जयंती के मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक राजधानी पहुंचकर पार्टी की ताकत का प्रदर्शन कर सकें। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी आगामी चुनावों से पहले अपने संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का प्रयास कर रही है।
कांशीराम स्मारक पर होगा मुख्य कार्यक्रम

लखनऊ में पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह वही स्थान है जो बसपा के संस्थापक कांशीराम की स्मृति में बनाया गया है और पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक स्थल माना जाता है।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 12 मंडलों से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। बसपा नेताओं का दावा है कि कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। आयोजन की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है और स्थानीय संगठन को भी बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
लखनऊ के अलावा बसपा अन्य राज्यों में भी कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है। जानकारी के अनुसार नोएडा और राजस्थान के भरतपुर में भी इसी अवसर पर बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से पार्टी अपने संगठनात्मक विस्तार का संदेश देना चाहती है।
मायावती के शामिल होने की संभावना

इस कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या बसपा सुप्रीमो Mayawati इस रैली में शामिल होंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनके कार्यक्रम में आने की संभावना है, हालांकि अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
अगर मायावती इस कार्यक्रम में शामिल होती हैं तो वह कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति का खाका भी पेश कर सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांशीराम जयंती का मंच बसपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने का अवसर बन सकता है।
आकाश आनंद भी होंगे सक्रिय
वहीं राजस्थान के भरतपुर में आयोजित बसपा की रैली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे Akash Anand शामिल होंगे। वह वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और संगठन को मजबूत करने का संदेश देंगे।
हाल के समय में बसपा संगठन में आकाश आनंद की सक्रियता बढ़ी है और उन्हें पार्टी के भविष्य के नेतृत्व के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में भरतपुर की रैली को भी बसपा की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
चुनावी तैयारी में जुटी बसपा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बसपा ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पार्टी ने जालौन जिले की माधौगढ़ सीट से आशीष पांडेय को पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
इसके अलावा तीन अन्य सीटों के लिए भी नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक आजमगढ़ की दीदारगंज सीट से अबुल कैश, जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर सीट से विनोद मिश्रा और सहारनपुर देहात सीट से फिरोज आफताब के नामों पर पार्टी सहमति बना चुकी है।
बसपा अन्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों के चयन पर लगातार मंथन कर रही है। बताया जा रहा है कि अगले दो महीनों के भीतर पार्टी प्रदेश की करीब 50 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है। इसका उद्देश्य यह है कि उम्मीदवारों को समय रहते क्षेत्र में सक्रिय होने और संगठन को मजबूत करने का मौका मिल सके।
कांशीराम जयंती पर होने वाला यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए बसपा न केवल अपने संस्थापक को श्रद्धांजलि देगी, बल्कि आगामी चुनावों के लिए अपनी ताकत और रणनीति का भी प्रदर्शन करेगी। राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की सियासत में बसपा की सक्रियता और उसके चुनावी इरादों का स्पष्ट संकेत दे सकता है।