उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर दौरे पर रहेंगे. योगी आदित्यनाथ यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी के साथ बैठक करेंगे.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में जुटी हुई है। इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं, जिसमें आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर दौरे पर रहेंगे, जहां वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर चर्चा की संभावना है। माना जा रहा है कि यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गाजियाबाद में भी संघ से जुड़े पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर चुके हैं। यह बैठक नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित की गई थी। इस दौरान मेरठ प्रांत से जुड़े संघ पदाधिकारियों से विस्तार से बातचीत की गई। इस प्रांत में मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ से जुड़े पदाधिकारियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया और अनौपचारिक चर्चा के माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर विचार साझा किए। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में संघ प्रमुख के साथ हुई बैठक के बाद से मुख्यमंत्री योगी लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में संघ पदाधिकारियों के साथ संवाद कर रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर की स्थितियों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को लेकर भी संघ पदाधिकारियों से राय जानी। साथ ही उन्होंने मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल में लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसकी जानकारी भी ली। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों से यह भी पूछा कि सरकार की योजनाओं को जनता तक और प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जा सकता है।
इस बैठक में भाजपा संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी समेत करीब 40 लोग शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य रूप से संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में संघ और भाजपा के बीच समन्वय हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन बैठकों को रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बना रहे और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
भाजपा ने वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की थी। अब पार्टी की नजर 2027 के चुनाव में तीसरी बार सत्ता में वापसी कर जीत की हैट्रिक लगाने पर है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी से संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
आने वाले समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अन्य जिलों में भी संघ और भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठकों का कार्यक्रम हो सकता है। माना जा रहा है कि इन बैठकों के माध्यम से पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी चुनावी तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
Also Read :
कांशीराम जयंती पर BSP की बड़ी रैली, सियासी संदेश देने की तैयारी !