किसान संगठनों ने लगभग 3 घंटे टोल प्‍लाजा फ्री कराए, FTA पर सरकार को चैलेंगे – बात नहीं मानी तो तेज होगा इससे भी बड़ा आंदोलन।

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर पंजाब में किसानों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित FTA के विरोध में कई टोल प्लाजा पर तीन घंटे तक वाहनों से टोल शुल्क नहीं वसूलने दिया. किसान नेताओं ने कहा कि यह समझौता किसानों, डेयरी, पोल्ट्री, छोटे कारोबारियों और कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदायक होगा.

भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े किसानों ने बुधवार को पंजाब के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया. आंदोलन के तहत दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कई टोल प्लाजा पर वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं वसूला गया और उन्हें बिना शुल्क के गुजरने दिया गया. यह विरोध SKM के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था. लुधियाना, बठिंडा, अमृतसर और होशियारपुर सहित कई जिलों में किसान टोल प्लाजा पर एकत्र हुए. होशियारपुर जिले में टांडा के निकट चोलांग टोल प्लाजा और मुकेरियां के पास हरसे मानसर टोल प्लाजा पर भी बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदर्शन किया. स्थानीय किसान संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल रहे. पुलिस के अनुसार सभी स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा.

FTA पर किसानों की चिंता

किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका FTA का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा. उन्‍होंने दावा किया कि समझौते के बाद सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे भारतीय किसानों की आय पर दबाव आएगा. उन्होंने कहा कि डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, कृषि मजदूरों, छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म उद्योगों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

केंद्र सरकार से समझौता वापस लेने की मांग

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे नहीं बढ़ाने की मांग की. उन्‍होंने कहा कि अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है तो किसान संगठन अपना आंदोलन और तेज करेंगे. नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह का समझौता बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाएगा, जबकि किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा.

लैंड पूलिंग नीति का भी किया विरोध

किसानों ने प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार की भूमि पूलिंग नीति पर भी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि यह नीति किसानों के हितों के अनुकूल नहीं है और इससे कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है. किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने इस नीति को वापस नहीं लिया तो इसके खिलाफ भी बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

देशभर में जारी है विरोध अभियान

संयुक्त किसान मोर्चा लंबे समय से प्रस्तावित भारत-अमेरिका FTA का विरोध कर रहा है. किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र में सस्ते आयात का रास्ता खुल सकता है, जिससे घरेलू किसानों की प्रतिस्पर्धा और आय दोनों प्रभावित होंगी. इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.