गोंडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक निजी स्कूल के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती नजर आईं। वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई और जांच में स्कूल के बिना मान्यता संचालित होने की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूल को सील कर दिया।
1. स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वीडियो हुआ वायरल
गोंडा के छपिया विकासखंड के औसानी गांव स्थित नॉलेज बीम एकेडमी में 15 अगस्त को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती दिखाई दीं। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
2. वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया और वहां की मान्यता समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की।
3. जांच में सामने आई बड़ी खामी
जांच के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पता चला कि स्कूल के पास आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी। इसके बावजूद स्कूल में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल इसी शैक्षणिक सत्र में शुरू हुआ था।
4. BSA के निर्देश पर स्कूल सील
बिना मान्यता स्कूल संचालित होने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्कूल को सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक मान्यता के स्कूल चलाना नियमों के खिलाफ है।
5. स्कूल प्रबंधक ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन था और किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। प्रबंधक ने यह भी दावा किया कि वीडियो में बुर्का पहनकर डांस करने वाली छात्राएं हिंदू थीं।
6. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों को नजदीकी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित कराने को कहा है।
7. अब आगे क्या होगा?
शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का मुख्य आधार स्कूल का बिना मान्यता संचालित होना बताया गया है। वायरल वीडियो को लेकर उठे विवाद के बीच शिक्षा विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
निष्कर्ष
गोंडा में वायरल हुए इस वीडियो ने स्कूल के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई में सामने आया प्रमुख तथ्य स्कूल का बिना मान्यता संचालन था। इसी आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल को सील किया और वहां पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें दूसरे स्कूलों में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।