बम-मिसाइल भी बेअसर! कितनी सुरक्षित हैं पुतिन और जिनपिंग की ‘सुपर सिक्योर’ कारें?

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कितना पावरफुल है इसका इंजन

औरस सेनाट में 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो वी8 हाइब्रिड इंजन दिया गया है, जो करीब 598 हॉर्सपावर और 880 एनएम का टॉर्क पैदा करता है, इसके साथ नौ-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव दिया गया है. कार की सुरक्षा का सटीक स्तर गोपनीय रखा गया है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक सेनाट हाई-कैलिबर और आर्मर-पियर्सिंग गोलियों का सामना करने में सक्षम है, इसकी खिड़कियों में कई सेंटीमीटर मोटा मल्टी-लेयर बुलेट-रेजिस्टेंट ग्लास इस्तेमाल किया गया है।

कार में रन-फ्लैट टायर, मजबूत फ्यूल टैंक और विस्फोटों से सुरक्षा के लिए अंडरबॉडी प्रोटेक्शन भी है, पैसेंजर कंपार्टमेंट में केमिकल अटैक की स्थिति में इस्तेमाल के लिए स्वतंत्र ऑक्सीजन और फिल्ट्रेशन सिस्टम होने की भी जानकारी है, इसके अलावा इसमें फायर-सप्रेशन सिस्टम भी लगाए गए हैं।

सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम की मदद से पुतिन सफर के दौरान अधिकारियों के संपर्क में रह सकते हैं, पीछे के केबिन में गर्म और हवादार मसाज सीटें, डिजिटल स्क्रीन, काम करने के लिए टेबल, रेफ्रिजरेटर और प्राइवेसी पार्टिशन दिया गया है, एक सामान्य सेनाट की कीमत करीब 18 मिलियन रूबल यानी लगभग 2.5 करोड़ रुपये है. हालांकि, पुतिन के प्रेसिडेंशियल वर्जन में अतिरिक्त सुरक्षा सिस्टम हैं और इसे कॉमर्शियल तौर पर बेचा नहीं जाता. इस कार का भारत से भी कनेक्शन है. पिछले साल चीन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन के साथ औरस में सफर किया था।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी प्रेसिडेंशियल मोटरकेड में दो भारी बख्तरबंद और विशेष रूप से तैयार की गई सरकारी कारें भी हैं.

11 सितंबर को भारत पहुंचे पुतिन रूस में बनी औरस सेनाट में सफर कर रहे हैं. वहीं, 12 सितंबर को भारत पहुंचे शी जिनपिंग के चीन की होंगछी एन701 का इस्तेमाल करने की उम्मीद है, दोनों लिमोजिन में भारी कवच के साथ सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे दोनों नेता चलते समय भी सुरक्षित रहते हुए संपर्क में रह सकते हैं. BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन दोनों कारों पर भी नजर रहेगी।

पुतिन ने 2018 में औरस सेनाट का इस्तेमाल शुरू किया था. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति मर्सिडीज-बेंज एस 600 गार्ड पुलमैन का इस्तेमाल करते थे. इस कार को रूस के कोर्टेज प्रोजेक्ट के तहत डेवलेप किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के टॉप अधिकारियों के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित वाहन तैयार करना था. प्रेसिडेंशियल एल700 की लंबाई करीब सात मीटर है और इसका वजन कई टन है, इसके वजन का बड़ा हिस्सा इसके कवच और सुरक्षा उपकरणों की वजह से है।

शी की होंगछी एन701

शी जिनपिंग की प्रेसिडेंशियल कार होंगछी से आती है. होंगछी यानी ‘रेड फ्लैग’ एक ऐसा ब्रांड है, जिसे 1958 में फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स ने चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए कारें बनाने के लिए स्थापित किया था।

इसके शुरुआती मॉडल कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों और चीन आने वाले विदेशी नेताओं के इस्तेमाल में रहे. बाद में चीन में विदेशी लग्जरी कार निर्माताओं के विस्तार के साथ इस ब्रांड की प्रमुखता कम हुई, लेकिन बाद में इसे प्रीमियम घरेलू ब्रांड के तौर पर फिर से स्थापित किया गया।

शी जिनपिंग की हाई-सिक्योरिटी होंगछी एन701 से जुड़ी हुई है, हालांकि चीन ने इस लिमोजिन के बारे में आधिकारिक तौर पर बहुत कम जानकारी जारी की है, एन701 की लंबाई 18 फीट से अधिक और वजन तीन टन से ज्यादा होने का अनुमान है. माना जाता है कि इसमें भारी कवच, बुलेट-रेजिस्टेंट ग्लास और मजबूत बॉडीवर्क के साथ स्वतंत्र लाइफ-सपोर्ट और सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम भी हैं।

औरस के विपरीत एन701 की बुनियादी मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन भी काफी हद तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं चीन ने आधिकारिक तौर पर इसके इंजन, पावर आउटपुट या बैलिस्टिक प्रोटेक्शन के सटीक स्तर की जानकारी नहीं दी है. यह लिमोजिन बेहद सीमित संख्या में बनाई जाती है और निजी खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है।