“मन की बात: PM मोदी ने दिया संदेश – गर्व से कहो, ये स्वदेशी है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में देशवासियों से एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की क्षमताओं को पहचान रही है और ऐसे समय में हर भारतीय को गर्व के साथ कहना चाहिए—“ये स्वदेशी है।”

स्वदेशी का महत्व

"मन की बात: PM मोदी ने दिया संदेश – गर्व से कहो, ये स्वदेशी है"
“मन की बात: PM मोदी ने दिया संदेश – गर्व से कहो, ये स्वदेशी है”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हमेशा आत्मनिर्भरता की राह पर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों से लेकर दैनिक जीवन तक, हर छोटी-बड़ी जरूरत में देशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि जब हम किसी वस्तु के लिए कहते हैं कि यह ‘स्वदेशी’ है, तो यह केवल एक उत्पाद नहीं होता, बल्कि उसमें करोड़ों भारतीयों का पसीना, परिश्रम और हुनर शामिल होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा—“हमारे गांवों, कस्बों और शहरों में छोटे-छोटे कारीगर, शिल्पकार और उद्यमी देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हमें उनका समर्थन करना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।”

वोकल फॉर लोकल पर जोर

मोदी ने कहा कि आज भारतीय उत्पाद न केवल देश में बल्कि दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय खादी, हस्तशिल्प, मसाले, चाय, आयुर्वेदिक उत्पाद और स्टार्टअप्स के नवाचार वैश्विक स्तर पर मांग में हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाएं और इन्हें ‘ब्रांड इंडिया’ की तरह दुनिया में प्रस्तुत करें।

पीएम मोदी ने कहा—“वोकल फॉर लोकल का मतलब केवल खरीदना ही नहीं है, बल्कि इसके बारे में बात करना, प्रचार करना और दूसरों को भी प्रेरित करना है। जब आप किसी भारतीय उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं, तो गर्व से कहिए—ये स्वदेशी है।”

छोटे उद्यमियों को मिलेगा बल

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यदि हर भारतीय स्थानीय वस्तुओं की खरीद को प्राथमिकता देगा तो इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि छोटे उद्यमियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

उन्होंने कहा—“जब हम स्वदेशी उत्पादों को अपनाते हैं तो केवल एक वस्तु खरीदते नहीं हैं, बल्कि किसी किसान, किसी महिला समूह, किसी छोटे उद्योग को संबल भी देते हैं।”

त्योहारों से जोड़ा संदेश

पीएम मोदी ने अपने संदेश को आगामी त्योहारों से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दिवाली और अन्य पर्व मनाए जाएंगे। इन त्योहारों पर लोग बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं। उन्होंने अपील की कि इस बार लोग ‘मेड इन इंडिया’ वस्तुएं ही खरीदें और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करें।

उन्होंने कहा—“त्योहार हमारे जीवन में उल्लास और ऊर्जा लेकर आते हैं। अगर इन उत्सवों में हमारी खुशी किसी भारतीय कारीगर के घर में भी मुस्कान ला दे, तो उसका आनंद और भी बढ़ जाता है।”

युवाओं से विशेष आग्रह

प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया और तकनीक का इस्तेमाल स्वदेशी उत्पादों के प्रचार में करें। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने अनुभव साझा करें और दूसरों को प्रेरित करें।

उन्होंने कहा—“आज का युवा जिस चीज को हाथ में ले ले, उसे वैश्विक पहचान दिला सकता है। स्टार्टअप्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से आप ‘वोकल फॉर लोकल’ को आंदोलन का रूप दे सकते हैं।”

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि आज दुनिया भारत की ताकत को पहचान रही है। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और भारतीय उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह अवसर भारत के लिए ऐतिहासिक है और हर नागरिक को इसे अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा—“हम जितना अपने उत्पादों को अपनाएंगे और प्रचारित करेंगे, उतनी ही हमारी वैश्विक पहचान मजबूत होगी। यह केवल आर्थिक मजबूती का विषय नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और आत्मगौरव से भी जुड़ा है।”

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश केवल एक आर्थिक पहल नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन की तरह सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का अर्थ केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उद्यमियों का सशक्तिकरण और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बनाने का संकल्प है।

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