तमिलनाडु, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम (पुडुचेरी) में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर भारत में लगातार तापमान गिर रहा है। इसकी वजह से ठंड का असर दिखने लगा है।
देश के कई हिस्सों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के राज्यों में जहां सर्दियों की आहट महसूस की जा रही है, वहीं दक्षिण भारत के कई इलाकों में झमाझम बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के राज्यों — केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना — में 18 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड की दस्तक
उत्तर भारत के कई राज्यों — दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश — में सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के गुजरने के बाद उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क और ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसके कारण सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में तापमान में और गिरावट आई है। मनाली, शिमला और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में हवा की रफ्तार और कम हुई, तो ठंड और तेजी से बढ़ेगी।
दक्षिण भारत में झमाझम बारिश का सिलसिला
इसके उलट, दक्षिण भारत में बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
IMD के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और नमी भरी हवाओं की वजह से दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक हिस्सों में वर्षा की तीव्रता बढ़ गई है।
केरल में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं तमिलनाडु के चेन्नई, नागपट्टिनम, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी में भी अगले 24 से 48 घंटों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।
कर्नाटक के दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों — उडुपी, मंगलुरु और कोडगु — में भी भारी बारिश के आसार हैं।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अलर्ट
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक रुक-रुककर बारिश हो सकती है।
IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस दौरान फसलों की सुरक्षा के उपाय करें और खुले में रखी कृषि उपज को ढककर रखें। साथ ही बिजली गिरने और जलभराव की स्थिति में सतर्क रहें।
मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। केरल के एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और सड़कें टूटने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
चेन्नई में भी कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को सतर्क मोड पर रखा है।
18 अक्टूबर तक रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली 18 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगी। उसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है, हालांकि हल्की से मध्यम बारिश का दौर कुछ जगहों पर जारी रहेगा।
विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वे इस अवधि में समुद्र में न जाएं, क्योंकि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।
निष्कर्ष
एक ओर जहां उत्तर भारत सर्दी के आगमन की तैयारी में है, वहीं दक्षिण भारत में मानसूनी वर्षा अभी भी सक्रिय है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
अगले कुछ दिनों तक देश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं, जबकि उत्तर भारत में ठंड का असर धीरे-धीरे और बढ़ेगा — यानी देश के दो हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग-अलग दिखाई देगा।
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