घटती सरयू पर सियासत गरम, योगी सरकार कटघरे में !

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अवधेश प्रसाद ने कहा कि अब सरयू नदी की मुख्य धारा अयोध्या की बजाय गोंडा की ओर बहने लगी है जो बेहद गंभीर मुद्दा है. वो इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे और अपनी बात रखेंगे.

रामनगरी अयोध्या की पहचान मानी जाने वाली पवित्र सरयू नदी इन दिनों अपने घटते जलस्तर को लेकर चर्चा में है। सरयू नदी की धारा घाटों से दूर होती नजर आ रही है, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि श्रद्धालुओं की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अयोध्या-फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद ने सरयू नदी के घटते जलस्तर को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों और अवैज्ञानिक विकास परियोजनाओं की वजह से सरयू नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित हुई है।

घटती सरयू पर सियासत गरम, योगी सरकार कटघरे में !
घटती सरयू पर सियासत गरम, योगी सरकार कटघरे में !

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरयू नदी की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से करोड़ों रुपये की बालू खुदवाकर बेची गई, जिससे नदी की गहराई और प्रवाह दोनों प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि अनियंत्रित खनन और बिना पर्यावरणीय संतुलन के की गई परियोजनाओं का खामियाजा आज अयोध्या भुगत रही है।

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अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि अब सरयू नदी की मुख्य धारा अयोध्या की ओर न बहकर गोंडा की दिशा में मुड़ती जा रही है, जो कि एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति से जुड़ा मुद्दा है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को लोकसभा में उठाएंगे और केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगेंगे।

उन्होंने राम की पैड़ी की स्थिति पर भी सवाल उठाए। अवधेश प्रसाद के मुताबिक, हालात इतने खराब हैं कि राम की पैड़ी पर पर्याप्त पानी नहीं है और श्रद्धालुओं के लिए हैंडपंप से पानी भरकर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने इसे रामनगरी की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।

सपा सांसद ने धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामायण में लिखा है— “उत्तर दिसि बह सरयू पावन”, लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों ने इस पावन नदी को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर अयोध्या की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को खतरे में डाल रही है।

अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो सरयू नदी और घाटों को पहले से बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अयोध्या की गरिमा, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता देगी और सरयू नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने का काम करेगी।

फिलहाल, इस बयान के बाद अयोध्या में सरयू नदी और विकास परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई है। स्थानीय लोग भी नदी के घटते जलस्तर को लेकर चिंता जता रहे हैं। खास बात यह है कि अभी गर्मी की शुरुआत भी पूरी तरह नहीं हुई है, लेकिन सरयू की धारा घाटों से दूर होती दिखाई देने लगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सरयू नदी की स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है और प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा सवाल बन सकता है।

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