बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान में अब कुछ ही दिन बचे हैं, उससे पहले कई चुनावी रैलियां आयोजित हैं, जिसमें बड़े नेताओं के भाषण से सियासी तड़का लगने वाला है। जानिए आज कहां कहां हैं चुनावी रैलियां?
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज समस्तीपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पीएम मोदी यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वे आगामी चुनाव के लिए एनडीए की दिशा और विजन का खाका पेश करेंगे।

भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
समस्तीपुर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के पहुंचते ही पूरे इलाके में माहौल जोश से भर गया। जगह-जगह पर कार्यकर्ताओं ने “मोदी-नीतीश ज़िंदाबाद” के नारे लगाए। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पीएम की यात्रा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं। सभा स्थल पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और विशेष सुरक्षा दल तैनात हैं।
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग जुटने लगे थे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभा स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की है। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर से निगरानी रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी अपने भाषण में बिहार के विकास कार्यों का ब्योरा देंगे और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे।
नीतीश और मोदी की संयुक्त रैली पर सबकी निगाहें

यह रैली इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ मंच साझा कर रहे हैं। बीते कुछ महीनों में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन बिहार चुनाव को देखते हुए एनडीए ने एक बार फिर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है।
नीतीश कुमार ने सभा स्थल पर पहुंचकर कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में अभूतपूर्व विकास हुआ है। आने वाले चुनाव में जनता एनडीए की नीतियों पर भरोसा दिखाएगी।” वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे बिहार में एनडीए की “शक्ति प्रदर्शन रैली” बताया।
पीएम मोदी का एजेंडा: विकास, सुशासन और रोजगार
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं, विशेषकर बिहार से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेंगे। वे समस्तीपुर और आसपास के जिलों में चल रहे बुनियादी ढांचा, सड़क और शिक्षा परियोजनाओं का जिक्र कर सकते हैं। साथ ही, विपक्ष पर हमला करते हुए यह संदेश देंगे कि “डबल इंजन की सरकार” ने बिहार को नई दिशा दी है।
पीएम मोदी के भाषण में युवाओं के रोजगार, किसानों की आय, महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण योजनाओं पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। साथ ही, वे चुनावी मुद्दों पर विपक्ष को घेरते हुए कह सकते हैं कि “एनडीए का लक्ष्य जाति नहीं, विकास है।”
भीड़ से उत्साहित भाजपा और जेडीयू कार्यकर्ता
सभा स्थल पर मौजूद एनडीए कार्यकर्ता और समर्थक उत्साह से लबरेज़ दिखे। मंच पर भाजपा, जेडीयू, हम और लोजपा (रामविलास) के कई नेता मौजूद हैं। समर्थक अपने-अपने दलों के झंडे लहराते हुए “अबकी बार, एनडीए सरकार” के नारे लगा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएम मोदी का यह दौरा चुनावी माहौल में बड़ा असर डालेगा। एक कार्यकर्ता ने कहा, “यह रैली एनडीए के लिए जोश बढ़ाने का काम करेगी। समस्तीपुर से जो संदेश जाएगा, वह पूरे बिहार में असर दिखाएगा।”
विपक्ष पर भी हो सकता है तीखा वार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में विपक्षी गठबंधन INDIA पर भी निशाना साध सकते हैं। हाल ही में विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर “विकास के नाम पर वादाखिलाफी” का आरोप लगाया था। ऐसे में मोदी का भाषण विपक्ष के दावों का जवाब माना जा रहा है।
चुनावी समर की गूंज
समस्तीपुर की यह रैली बिहार चुनावी समर की आधिकारिक शुरुआत मानी जा रही है। भाजपा और जेडीयू दोनों के लिए यह मंच अपनी ताकत दिखाने का अवसर है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री की कई और रैलियों का कार्यक्रम तय है, जिनमें वह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जनता से सीधा संवाद करेंगे।
निष्कर्ष
समस्तीपुर में पीएम मोदी की रैली ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए गठबंधन फिलहाल एकजुट है और चुनाव में पूरी ताकत झोंकने को तैयार है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री के संबोधन में क्या बड़े ऐलान होते हैं और यह रैली किस तरह राज्य के चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती है।