पशुओं की सेहत के लिए बड़ा कदम, रोग नियंत्रण कार्यक्रम लॉन्च !

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मुख्य विकास अधिकारी ने पशु चिकित्सा वाहनों एवं पशु टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली

रायबरेली जनपद में पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के अंतर्गत 45 दिवसीय सघन टीकाकरण अभियान के सातवें चरण की शुरुआत की गई। यह अभियान 22 जनवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक पूरे जनपद में चलाया जाएगा। अभियान का शुभारंभ विकास भवन रायबरेली के मुख्य द्वार से किया गया, जहां मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने सचल पशु चिकित्सा वाहनों और पशु टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पशुओं की सेहत के लिए बड़ा कदम, रोग नियंत्रण कार्यक्रम लॉन्च !
पशुओं की सेहत के लिए बड़ा कदम, रोग नियंत्रण कार्यक्रम लॉन्च !

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ परियोजना निदेशक ग्रामीण अभियंत्रण प्राधिकरण सतीश प्रसाद मिश्र, उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सदर डॉ. संजय कुमार सिंह, उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी महाराजगंज डॉ. उमेश चंद्र, पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेवा के पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी सहित पशुपालन विभाग का समस्त फील्ड स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी दी।

स सघन टीकाकरण अभियान के तहत पशुपालन विभाग रायबरेली द्वारा गठित 52 विशेष टीमों के माध्यम से जनपद की 6 तहसीलों की कुल 988 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत लगभग 6 लाख 9 हजार 345 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए निःशुल्क एफएमडी टीका लगाया जाएगा। इसके साथ-साथ सभी पशुओं को ईयर टैग भी लगाए जाएंगे, ताकि उनकी पहचान और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सके।

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प्रत्येक टीकाकरण टीम की अगुवाई संबंधित क्षेत्र के स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी करेंगे। उनके नेतृत्व में पशुधन प्रसार अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पशु मित्र, मैत्री वैक्सीनेटर गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण करेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को टीकाकरण के दायरे में लाया जाए।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता ने कहा कि खुरपका-मुंहपका रोग गोवंश और महिषवंशीय पशुओं में होने वाली एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो विशेष रूप से दुधारू पशुओं को प्रभावित करती है। इस रोग में पशुओं के मुंह और खुरों में छाले, घाव और सूजन हो जाती है, जिससे दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है और कई बार पशु कमजोर होकर असमय मृत्यु का शिकार भी हो जाते हैं।

उन्होंने बताया कि भारत में खुरपका-मुंहपका रोग पशुधन के लिए एक गंभीर समस्या है, जिससे हर वर्ष किसानों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा इस रोग के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वर्ष में दो बार बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया जाता है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि रायबरेली में चलाया जा रहा यह 45 दिवसीय अभियान इसी राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे टीकाकरण टीमों का सहयोग करें और अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं, ताकि रोग की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पशुपालकों को उनके द्वार पर आकस्मिक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 1962 टोल फ्री नंबर की सुविधा भी उपलब्ध है। किसी भी आपात स्थिति में पशुपालक इस नंबर पर कॉल कर पशु चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, रायबरेली में शुरू हुआ यह सघन टीकाकरण अभियान पशुधन संरक्षण, किसानों की आय सुरक्षा और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अभियान के सफल क्रियान्वयन से जनपद को खुरपका-मुंहपका रोग से काफी हद तक मुक्त किया जा सकेगा।

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