सीएम योगी ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी एक्सप्रेस-वे पर हर 100 किमी के दायरे में एक फायर चौकी की स्थापना की जाए।
उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना लगातार नई ऊंचाइयां छू रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब राज्य के सभी एक्सप्रेस-वे को और आधुनिक, सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि राज्य के हर एक्सप्रेस-वे पर प्रत्येक 100 किलोमीटर की दूरी पर आधुनिक “फेसिलिटी सेंटर” (सुविधा केंद्र) विकसित किए जाएं, जहां यात्रियों को विश्राम, भोजन, वाहन सेवा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।

यात्रियों की सुविधा को लेकर बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी ने लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक विकास विभाग और यूपी एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का “एक्सप्रेस-वे स्टेट” बन चुका है, इसलिए यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा, “एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वालों को केवल तेज़ सफर ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और आरामदायक अनुभव भी मिलना चाहिए। इसके लिए हर 100 किलोमीटर पर आधुनिक सुविधा केंद्र विकसित किए जाएं, जिनमें फ्यूल स्टेशन, रेस्टॉरेंट, टॉयलेट, मेडिकल असिस्टेंस और वाहन रिपेयर जैसी सेवाएं उपलब्ध हों।”
एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों के लिए सुविधा हब
सीएम योगी ने बताया कि इन सुविधा केंद्रों को “यात्री सुविधा हब” के रूप में विकसित किया जाएगा। इन हब्स में यात्रियों के आराम करने के लिए स्वच्छ व वातानुकूलित रेस्ट एरिया, शौचालय, पीने का पानी, बच्चों के खेलने की जगह, और छोटे कैफेटेरिया होंगे। साथ ही ट्रक चालकों और लॉन्ग-ड्राइव यात्रियों के लिए पार्किंग ज़ोन, फूड कोर्ट और मेडिकल सेंटर भी तैयार किए जाएंगे।
इन हब्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि निजी निवेश को प्रोत्साहन मिले और सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न आए। सरकार चाहती है कि इन केंद्रों के निर्माण में स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिले और स्थानीय उत्पादों के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” स्टॉल की व्यवस्था भी की जाए।
यूपी के एक्सप्रेस-वे देश में मिसाल
फिलहाल उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे कई प्रमुख मार्ग देश में अपनी गुणवत्ता और लंबाई के लिए प्रसिद्ध हैं। इन सड़कों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा का समय आधा हो गया है और औद्योगिक निवेश में तेजी आई है।
सीएम योगी ने कहा कि “पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक अब सड़कें विकास की धारा बन चुकी हैं। हमें अब इन सड़कों पर यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश का सबसे आधुनिक सड़क नेटवर्क वाला राज्य बन सके।”
सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधा केंद्रों पर एंबुलेंस और फर्स्ट एड यूनिट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंच सके। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर हाईवे पेट्रोलिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। योगी ने कहा कि हर सुविधा केंद्र से 24 घंटे पेट्रोलिंग वाहन संचालित हों, जो सुरक्षा और सहायता दोनों के लिए काम करें।
उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाईवे पेट्रोलिंग को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाया जाए, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष तक पहुंचे।”
निवेश और रोजगार की संभावना
सरकार की इस योजना से न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इन सुविधा केंद्रों के निर्माण और संचालन में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्पों की बिक्री बढ़ेगी।
यूपीईडा के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में पूर्वांचल और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर इन केंद्रों के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद अन्य एक्सप्रेस-वे जैसे गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर यह मॉडल लागू किया जाएगा।
“विकास और सुविधा साथ-साथ” – सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि अब लक्ष्य है कि राज्य का हर एक्सप्रेस-वे यात्रियों के लिए “सुरक्षित, स्मार्ट और सस्टेनेबल यात्रा का प्रतीक” बने। उन्होंने कहा कि इन पहल से न सिर्फ लोगों की यात्रा सुगम होगी बल्कि प्रदेश की छवि भी “उत्तम इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले राज्य” के रूप में मजबूत होगी।
निष्कर्ष
सीएम योगी का यह निर्देश उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को एक नई दिशा देने वाला है। हर 100 किलोमीटर पर विकसित होने वाले ये सुविधा केंद्र न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगे बल्कि राज्य के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी नई गति देंगे। इससे उत्तर प्रदेश का नाम एक बार फिर देश के अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर राज्यों में शुमार हो जाएगा।
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