पुलिस ने बताया कि कुछ नामजद और कुछ अज्ञात युवकों ने हिन्दू छात्र पर तमंचे की बट से हमला किया है। हिन्दू युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर विवादों में आ गई है। विश्वविद्यालय परिसर में रविवार की रात एक हिंदू छात्र पर कुछ युवकों ने कथित रूप से तमंचे की बट से हमला कर दिया। इस हमले में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर कई छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

घटना का पूरा विवरण
घटना रविवार देर शाम यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर स्थित सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र अंकित शर्मा (22 वर्ष) अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विज्ञान संकाय में स्नातक का छात्र है। वह हॉस्टल के बाहर अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रहा था, तभी कुछ छात्रों ने उससे किसी बात को लेकर बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अंकित पर तमंचे की बट से हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों की संख्या चार से पांच थी और वे पहले से ही हथियारों से लैस थे। हमले के दौरान कैंपस में अफरा-तफरी मच गई। कुछ छात्रों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
अलीगढ़ के एसपी सिटी कुलदीप सिंह ने बताया, “घायल छात्र की तहरीर के आधार पर तीन नामजद और दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर मारपीट, धमकी देने और अवैध हथियार रखने की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैंपस में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का बयान
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने बताया, “घटना में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।”
प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सहयोग करें, ताकि किसी भी तरह का साम्प्रदायिक तनाव पैदा न हो।
कैंपस में बढ़ी सुरक्षा, छात्रों में दहशत

हमले की खबर फैलते ही विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया। कई छात्र संगठनों ने इस घटना की निंदा की और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। हिंदू छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “विश्वविद्यालय में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे छात्रों में भय का माहौल बन गया है। पुलिस और प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।”
कैंपस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने देर रात तक गश्त की और छात्रों को आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू
घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे सांप्रदायिक दृष्टि से जोड़ने की कोशिश की, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह व्यक्तिगत विवाद का मामला लगता है, लेकिन हर एंगल से जांच की जा रही है।
भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि “विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की हिंसक घटनाएं शिक्षा के माहौल को प्रभावित करती हैं।” दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और किसी भी निर्दोष छात्र को परेशान न किया जाए।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
पुलिस ने देर रात तक कैंपस और आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च किया और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की आशंका नहीं है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में हिंसक घटनाओं का दोहराव विश्वविद्यालय की छवि पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन की चुनौती अब न केवल हमलावरों को पकड़ना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कैंपस का माहौल दोबारा शांत और सुरक्षित बने।
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