बिहार में सीएम नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं की आज चुनावी जनसभाएं कर रहे हैं। वहीं ओवैसी भी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब मतदाताओं के सामने अपना विजन पेश करने की तैयारी में है। इसी क्रम में 30 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह बिहार में बीजेपी का घोषणा पत्र जारी करेंगे। इस घोषणा पत्र में विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पटना में होगा संकल्प पत्र का विमोचन

बीजेपी का यह घोषणा पत्र, जिसे पार्टी “संकल्प पत्र” के नाम से पेश करेगी, राजधानी पटना में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान जारी किया जाएगा। इस मौके पर अमित शाह के साथ बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी इस कार्यक्रम को बिहार के सभी जिलों में लाइव प्रसारित करेगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचे।
युवाओं और किसानों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के घोषणा पत्र में युवा वर्ग और किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की जाएंगी। रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, कृषि के आधुनिकीकरण और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। बीजेपी का दावा है कि वह बिहार को “समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य” बनाने का ठोस रोडमैप पेश करेगी।
घोषणा पत्र में यह भी संभावना है कि राज्य में उद्योग निवेश बढ़ाने, नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और स्किल डेवलपमेंट मिशन को मजबूत करने से जुड़े वादे शामिल होंगे।
महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं
पार्टी सूत्रों का कहना है कि महिलाओं के कल्याण से जुड़ी कई योजनाएं भी घोषणा पत्र में शामिल की गई हैं। इसमें महिलाओं की सुरक्षा, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान दिया गया है। पार्टी यह भी दिखाना चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस काम हुआ है और आगे इसे और गति दी जाएगी।
बिहार के विकास मॉडल पर जोर
अमित शाह घोषणा पत्र जारी करते हुए बिहार में एनडीए सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता से रखेंगे। बीजेपी यह दिखाने की कोशिश करेगी कि पिछले वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
शाह अपने संबोधन में “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा को दोहराएंगे और बताएंगे कि कैसे केंद्र और राज्य की समन्वित नीतियों से बिहार को नई दिशा मिली है।
विपक्ष पर निशाना साधने की तैयारी
बीजेपी के रणनीतिकारों ने बताया कि अमित शाह इस मौके पर विपक्षी गठबंधन — खासकर महागठबंधन और आरजेडी — पर भी तीखा प्रहार करेंगे। शाह यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि अगर बिहार में महागठबंधन सत्ता में आता है, तो राज्य फिर से भ्रष्टाचार और जातीय राजनीति के दौर में चला जाएगा।
घोषणापत्र को लेकर जनता में उत्सुकता
बीजेपी का यह घोषणापत्र चुनाव से पहले का अहम राजनीतिक दस्तावेज माना जा रहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस बार घोषणा पत्र में केवल वादे नहीं, बल्कि पिछले कार्यकाल में किए गए कामों का ब्योरा भी शामिल होगा। इसका मकसद जनता के सामने “परफॉर्मेंस और प्रॉमिस” दोनों को पेश करना है।
अमित शाह की रणनीतिक भूमिका
बिहार चुनाव में अमित शाह एक बार फिर मुख्य रणनीतिकार की भूमिका में नजर आएंगे। वह लगातार बिहार के नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं और हर क्षेत्र के लिए अलग चुनावी रणनीति बना रहे हैं। शाह की कोशिश है कि बीजेपी का संकल्प पत्र जनता के दिल को छू सके और राज्य में पार्टी की साख को और मजबूत करे।
निष्कर्ष
30 अक्टूबर को जारी होने वाला यह घोषणा पत्र बिहार चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। बीजेपी को उम्मीद है कि अमित शाह की अगुवाई में जारी यह संकल्प पत्र जनता के भरोसे को और मजबूत करेगा और एनडीए को राज्य में बढ़त दिलाने में मदद करेगा।
अमित शाह का संदेश होगा साफ – “बिहार में विकास का रास्ता सिर्फ डबल इंजन सरकार से होकर गुजरता है।”