Bigg Boss 19: यूपी के मृदुल तिवारी फूट-फूटकर रोए, फरहाना पर भड़के प्रणित और अभिषेक !

बिग बॉस 19 के कैप्टन मृदुल तिवारी को अशनूर कौर और अभिषेक बजाज को छोड़कर बाकी सभी को नॉमिनेट करने के बाद एक मुश्किल भरे हफ्ते का सामना करना पड़ा। उनके इस फैसले से बहस छिड़ गई और कुछ घरवालों ने काम करने से इनकार कर दिया।

टीवी रियलिटी शो बिग बॉस 19 का हर एपिसोड अब ड्रामा, इमोशन और झगड़ों से भरपूर हो गया है। लेटेस्ट एपिसोड में घर के मौजूदा कैप्टन मृदुल तिवारी के एक फैसले ने पूरे घर का माहौल बदलकर रख दिया। मृदुल, जो शो की शुरुआत से ही अपनी शालीनता और समझदारी के लिए जाने जाते हैं, इस बार अपने एक फैसले की वजह से कई कंटेस्टेंट्स के निशाने पर आ गए।

Bigg Boss 19: यूपी के मृदुल तिवारी फूट-फूटकर रोए, फरहाना पर भड़के प्रणित और अभिषेक !
Bigg Boss 19: यूपी के मृदुल तिवारी फूट-फूटकर रोए, फरहाना पर भड़के प्रणित और अभिषेक !

दरअसल, कैप्टन होने के नाते मृदुल को यह अधिकार था कि वे दो कंटेस्टेंट्स को इस हफ्ते के नॉमिनेशन से सीधे बचा सकते हैं। मृदुल ने यह मौका अपने करीबी दोस्तों अशनूर कौर और अभिषेक बजाज को देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और उन्होंने घर के कामों में भी जिम्मेदारी दिखाई है।

लेकिन उनके इस फैसले से कई घरवाले भड़क गए। खासकर कुणिका सदानंद, तान्या मित्तल, और फरहाना शेख ने खुलकर मृदुल के खिलाफ आवाज उठाई। कुणिका ने कहा कि मृदुल ने “फेवरिटिज्म” किया है और एक “कैप्टन” के तौर पर उन्हें सबके साथ बराबर व्यवहार करना चाहिए था। वहीं तान्या ने यह कहते हुए अपनी ड्यूटी करने से इनकार कर दिया कि “जब कैप्टन निष्पक्ष नहीं है, तो हम क्यों नियमों का पालन करें?”

इससे घर में एक बार फिर विवाद और बवाल का माहौल बन गया। फरहाना ने भी मृदुल के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि “जो दूसरों को बचाने में लगे हैं, वो खुद से भी हार जाएंगे।” इस पर मृदुल ने पहले शांति बनाए रखी, लेकिन जब फरहाना ने उनके चरित्र और ईमानदारी पर सवाल उठाया, तो मृदुल भावनात्मक रूप से टूट गए।

दृश्य बेहद इमोशनल हो गया जब मृदुल, जो अब तक शांत बने हुए थे, फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा दिल से खेला है, लेकिन शायद सच्चे लोगों की यहां कोई कद्र नहीं है।” यह देखकर अशनूर, अभिषेक, प्रणित मोरे और गौरव खन्ना तुरंत उनके पास पहुंचे और उन्हें संभालने की कोशिश की।

मृदुल, जो अब तक शांत बने हुए थे, फूट-फूटकर रो पड़े
मृदुल, जो अब तक शांत बने हुए थे, फूट-फूटकर रो पड़े

मृदुल ने बाद में पूरे घरवालों के सामने कहा कि “कैप्टन बनने का मतलब यह नहीं कि मैं अपने दोस्तों को नजरअंदाज कर दूं। उन्होंने मेरा साथ दिया, इसलिए मैंने उन्हें बचाया। अगर कोई इसे गलत समझता है, तो यह उसकी सोच है, मेरी नहीं।”

हालांकि, इसके बाद प्रणित मोरे और अभिषेक बजाज ने फरहाना पर जमकर गुस्सा निकाला। प्रणित ने कहा कि “फरहाना दिल की नहीं, दिमाग की नहीं, बस गेम की सुनती है। उसे किसी की इमोशन की परवाह नहीं।” वहीं अभिषेक ने भी कहा कि “अगर किसी की सच्चाई देखनी है, तो उसे मुश्किल वक्त में देखो — और आज मृदुल अकेला नहीं है, पूरा घर देख रहा है कि कौन उसका सच्चा साथी है।”

शाम तक घर का माहौल थोड़ा शांत हुआ, लेकिन रसोई और टास्क ड्यूटी के दौरान कुणिका और तान्या ने फिर से कैप्टन के खिलाफ असहयोग दिखाया। इस पर मृदुल ने बिना बहस किए खुद सारे काम संभाल लिए। उन्होंने खुद खाना बनाया, सफाई की और अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाई, जिससे घर के कुछ सदस्य, जिनमें गौरव खन्ना और अशनूर कौर शामिल थीं, काफी इमोशनल हो गए।

सोशल मीडिया पर भी इस एपिसोड को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। दर्शक मृदुल तिवारी के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं और उन्हें “दिल वाला कैप्टन” कह रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि मृदुल को थोड़ी राजनीतिक समझ भी दिखानी चाहिए थी ताकि वे खुद को “पक्षपाती” साबित न करें।

फरहाना की नकारात्मक टिप्पणियों के चलते सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। कई यूजर्स ने लिखा कि “फरहाना गेम खेलने में माहिर हैं, लेकिन इंसानियत से हार गईं।”

“बिग बॉस 19” के इस एपिसोड ने दर्शकों को फिर से दिखा दिया कि घर के अंदर सिर्फ स्ट्रेटेजी नहीं, बल्कि इमोशन और इंसानियत भी गेम का हिस्सा हैं। आने वाले एपिसोड्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मृदुल इस विवाद के बाद अपनी इमेज संभाल पाएंगे या फिर फरहाना और कुणिका का गुट उन्हें टारगेट बनाकर घर की राजनीति को और गरमाने वाला है।

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