यूपी में सर्दी की दस्तक तेज़, इटावा में न्यूनतम तापमान गिरा !

उत्तर प्रदेश में मौसम सर्द हो गया है. पछुआ हवाएं चलने की वजह से रात में ठंडक काफी बढ़ गई हैं, वहीं सर्दी के साथ हवा में प्रदूषण के स्तर ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पछुआ हवाओं के सक्रिय होने के कारण राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह और शाम के समय ठंड ने दस्तक दे दी है। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और गलन महसूस होने लगी है। दिन में हल्की धूप होने के बावजूद हवा में ठंडक बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाली है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर से सटे पश्चिमी यूपी के शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है।

यूपी में सर्दी की दस्तक तेज़, इटावा में न्यूनतम तापमान गिरा !
यूपी में सर्दी की दस्तक तेज़, इटावा में न्यूनतम तापमान गिरा !

मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, पछुआ हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। इटावा में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान है। इसी तरह कानपुर, लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और वाराणसी में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय सड़कों पर हल्की धुंध दिखाई दे रही है, हालांकि विभाग के अनुसार अभी घना कोहरा छाने की संभावना नहीं है।

मौसम विभाग ने 10 नवंबर को जारी पूर्वानुमान में बताया कि आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने वाला है। आसमान साफ रहेगा और बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में 15 नवंबर तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। दिन में हल्की धूप लोगों के लिए राहत लेकर आएगी, जबकि सुबह और रात का तापमान लगातार नीचे जाएगा।

प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली से सटे यूपी के जिलों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और बागपत में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 350 के बीच रिकॉर्ड हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। कई शहरों में लोग सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रदूषण वाहनों के धुएं, उद्योगों से निकलने वाले कणों और खेतों में पराली जलाने का संयुक्त प्रभाव है। ठंडी हवा के कारण प्रदूषण जमीन और निचली सतह पर जमा हो जाता है, जिससे हवा की गुणवत्ता और खराब हो जाती है।

लोगों ने निकाले गर्म कपड़े

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुबह-सुबह लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए सुबह की ठंड और हवा परेशानी का कारण बन रही है। गांवों में लोग शाम होने के बाद जल्दी घरों में लौटने लगे हैं। कई जगहों पर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कहीं अलाव और हीटर का सहारा लिया जा रहा है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग रात में गर्म कपड़ों का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड और प्रदूषण से बचाया जाए। सुबह के समय खुली हवा में व्यायाम से बचने की सलाह दी गई है। प्रदूषण वाले क्षेत्रों में मास्क पहनना आवश्यक बताया गया है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुरुआती दस्तक दे दी है और आने वाले दिनों में ठंड में धीरे-धीरे और इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि मौसम साफ रहने वाला है, लेकिन प्रदूषण की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम और स्वास्थ्य दोनों से जुड़े निर्देशों का पालन करना जरूरी है ताकि बढ़ती ठंड और खराब वायु गुणवत्ता से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

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