रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। इस मुश्किल की घड़ी में दिल्ली सरकार की गहरी संवेदनाएँ उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो इस घटना में घायल हुए हैं।
दिल्ली में हाल ही में हुए दिल दहला देने वाले धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद राजधानी के माहौल में दहशत का माहौल है। इसी बीच दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने देगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, जो लोग इस धमाके में स्थायी रूप से अपंग हो गए हैं, उन्हें 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। हल्के रूप से घायल लोगों के लिए भी सरकार ने सहायता की अलग योजना तैयार करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सरकार की ओर से यह भरोसा है कि इस मुश्किल घड़ी में हर पीड़ित के साथ प्रशासन और जनता खड़ी है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी पीड़ित परिवारों से तत्काल संपर्क किया जाए और उन्हें सहायता राशि जल्द से जल्द प्रदान की जाए।

रेखा गुप्ता ने कहा, “यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। निर्दोष लोगों की जान लेना कायरता की पराकाष्ठा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंक फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच एजेंसियों को इस पूरे मामले की तह तक जाने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने के आदेश दिए गए हैं।”
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात भी की और उनके परिवारों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
इस बीच, घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाका अत्यधिक विस्फोटक सामग्री से किया गया था। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि इसके पीछे कौन-सी संगठन या समूह शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया था और कहा था कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
दिल्ली की जनता के बीच इस मुआवजे के ऐलान को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों ने इसे सरकार की संवेदनशीलता बताया है, जबकि कुछ का कहना है कि असली राहत तब मिलेगी जब दोषियों को सजा मिलेगी और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंत में कहा, “यह वक्त एक-दूसरे का साथ देने का है। हम सब मिलकर इस कठिन दौर को पार करेंगे। दिल्ली सरकार हर कदम पर पीड़ितों के साथ खड़ी है। हमारी कोशिश है कि किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी या इलाज की कमी के कारण कोई अतिरिक्त पीड़ा न झेलनी पड़े।”
इस प्रकार, दिल्ली ब्लास्ट के बाद सरकार की ओर से यह मुआवजा ऐलान न केवल राहत का कदम है, बल्कि प्रशासन की यह कोशिश भी है कि लोगों के भीतर सुरक्षा और भरोसे की भावना फिर से बहाल हो सके। फिलहाल जांच जारी है और देशभर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस भयावह घटना के पीछे कौन-से हाथ हैं और उन्हें कब तक न्याय के कटघरे में लाया जाता है।
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