बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड जीत हासिल की है. वहीं महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है.
बिहार की राजनीति में आज सुबह से ही हलचल तेज है। एनडीए की प्रचंड जीत के बाद सत्ता-समीकरण को लेकर हर तरफ चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर अचानक गतिविधि बढ़ने लगी। जेडीयू विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने के साथ ही एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई—लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान खुद नीतीश कुमार से मिलने उनके घर पहुंच गए। यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में कई संकेत छोड़ गई है और पूरे दिन का माहौल और अधिक गर्माता दिख रहा है।
सुबह से ही नीतीश आवास पर भीड़

एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री आवास 1, अणे मार्ग, पर नेताओं की आवाजाही तेज हो गई। जेडीयू के विधायक लगातार पहुंच रहे हैं। कई वरिष्ठ नेता सुबह-सुबह ही मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। बताया जा रहा है कि यह मुलाकातें सिर्फ औपचारिक बधाई का सिलसिला नहीं हैं, बल्कि आने वाले राजनीतिक कदमों पर मंथन का हिस्सा हैं।
नीतीश कुमार हमेशा की तरह शांत दिखे, लेकिन घर के बाहर बढ़ी गतिविधि यह साफ संकेत दे रही है कि पार्टी के भीतर और एनडीए गठबंधन में बड़े निर्णय की तैयारी चल रही है। जेडीयू के विधायक दल की बैठक भी जल्द बुलाए जाने की चर्चा है।
चिराग पासवान की एंट्री ने बढ़ाई गर्मी

इन सबके बीच सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली मुलाकात रही—चिराग पासवान का अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचना। जैसे ही उनकी गाड़ी सीएम निवास में दाखिल हुई, खबरों और अटकलों का बाजार गर्म हो गया। इसे एक “रणनीतिक मीटिंग” बताया जा रहा है, जिसकी अंदरूनी चर्चा बाहर नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे बेहद अहम मान रहे हैं।
एनडीए की बड़ी जीत में LJP (RV) को मिले समर्थन और चिराग की बढ़ती राजनीतिक हैसियत को देखते हुए यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं मानी जा रही। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार गठन और मंत्री पदों पर चर्चा की तैयारी पहले से शुरू हो चुकी है।
सीएम पद पर चर्चा—क्या बदलेगा समीकरण?
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूरे राज्य में इस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एनडीए की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि नेतृत्व बदलने पर भी विचार हो। दूसरी तरफ, जेडीयू अपने पुराने फॉर्मूले पर अडिग दिख रही है—जहां नीतीश कुमार को ही नेतृत्व की ज़िम्मेदारी मिले।
इन परिस्थितियों में चिराग पासवान की नीतीश से मीटिंग का एक अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि वे एनडीए की एकजुटता और नेतृत्व के सवाल पर अपनी भूमिका तय कर रहे हैं। चिराग पहले भी नीतीश पर कई बार मुखर आलोचना कर चुके हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनके रुख में नरमी देखी गई। इसलिए आज की मुलाकात को गठबंधन के भीतर “नई समझदारी” की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।
दिनभर मीटिंगों का दौर जारी रहेगा
सूत्रों के अनुसार, आज पूरे दिन सीएम आवास पर महत्वपूर्ण मुलाकातों का सिलसिला जारी रहेगा।
- जेडीयू विधायक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगा।
- भाजपा के वरिष्ठ नेता, खासकर बिहार प्रभारी, भी नीतीश से मिलने का कार्यक्रम बना सकते हैं।
- एलजेपी (RV) और हम (HAM) के नेता भी शाम तक कुछ औपचारिक बातचीत के लिए पहुंच सकते हैं।
शाम तक यह साफ हो सकता है कि एनडीए किस फॉर्मूले पर सरकार बनाएगा और कौन किस भूमिका में नजर आएगा।
निष्कर्ष
आज का दिन बिहार राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। नीतीश कुमार के घर बढ़ती हलचल, जेडीयू नेताओं की लगातार उपस्थिति और चिराग पासवान की अचानक हुई मुलाकात ने यह संकेत दे दिया है कि सत्ता और नेतृत्व पर निर्णायक बातचीत शुरू हो चुकी है। जनता अगले कदम का इंतजार कर रही है और राजनीतिक गलियारे में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या नीतीश ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे, या इस बार समीकरण कुछ नया मोड़ लेगा?