भोपाल पुलिस ने बताया है कि अपराधी फर्जी कॉल कर ओटीपी मांगते हैं। इसके साथ ही फर्जी एप इंस्टॉल कराते हैं। ऐसा करने पर ठगी का शिकार हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए कोई ओटीपी नहीं लगता है।
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर भोपाल में तेजी से बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने रविवार को एक अहम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी का उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक करना और उन अपराधियों की चालों से सावधान करना है, जो खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर नागरिकों को झांसे में ले रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह नया साइबर फ्रॉड बेहद खतरनाक है क्योंकि इसमें न केवल व्यक्तिगत जानकारी चोरी होती है, बल्कि मोबाइल फोन पूरी तरह से हैक होने का खतरा भी रहता है।

कैसे हो रही है ठगी?
भोपाल पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी पहले नागरिकों को कॉल करते हैं और खुद को चुनाव कार्यालय या वार्ड कर्मचारी बताकर यह दावा करते हैं कि मतदाता सूची अपडेट हो रही है। वे लोगों से कहते हैं कि आपका SIR फॉर्म अपडेट नहीं है, इसलिए इसे तुरंत रिवाइज करना जरूरी है। इसके बाद ठग दो तरह से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं—
- OTP मांगकर ठगी
अपराधी नागरिकों से कहते हैं कि मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे बताना जरूरी है, तभी आपका फॉर्म अपडेट होगा। जैसे ही व्यक्ति OTP साझा करता है, ठग उसके मोबाइल और कई बार बैंकिंग विवरणों तक पहुंच बना लेते हैं। - SIR.apk फाइल डाउनलोड कराने का जाल
सबसे खतरनाक तरीका यह है कि अपराधी लोगों से SIR.apk नाम की फाइल डाउनलोड करवाते हैं। यह फाइल असल में एक मालवेयर होती है, जो मोबाइल को पूरी तरह से नियंत्रित कर सकती है।
इस फाइल के डाउनलोड होते ही फोन में मौजूद सभी संवेदनशील डेटा अपराधियों के पास पहुंचने लगता है, जिसमें शामिल हैं—- गैलरी की फोटो और वीडियो
- संपर्क सूची
- SMS और OTP
- बैंकिंग एप की जानकारी
- सोशल मीडिया पासवर्ड
- UPI लॉगिन डिटेल
- लोकेशन और माइक्रोफोन तक एक्सेस
पुलिस ने बताया कि यह मालवेयर फोन में ‘रीमोट एक्सेस’ भी दे देता है, जिसके जरिए ठग मोबाइल को अपनी मर्जी से ऑपरेट कर सकते हैं।
भोपाल साइबर क्राइम की चेतावनी

साइबर क्राइम DCP ने कहा कि यह एक गंभीर साइबर खतरा है और लोग इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे गायब हो गए, जबकि कई लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर नए ठगी प्रयास किए गए।
पुलिस ने कहा कि सरकारी कर्मचारी या चुनाव आयोग का कोई अधिकारी कभी भी SIR फॉर्म के नाम पर OTP नहीं मांगता और न ही किसी APK फाइल को डाउनलोड करने के लिए कहता है।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
एडवाइजरी में पुलिस ने कुछ प्रमुख सावधानियों का पालन करने की अपील की है—
- किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP कभी भी साझा न करें
- मोबाइल पर भेजी गई APK फाइल या लिंक को बिल्कुल डाउनलोड न करें
- किसी कॉलर द्वारा सरकारी अधिकारी होने का दावा करने पर तुरंत वार्ड कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय से पुष्टि करें
- बैंक, UPI, सोशल मीडिया या ईमेल का पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
- मोबाइल में अनजान ऐप दिखे तो तुरंत अनइंस्टॉल करें और फोन को एंटी-मालवेयर से स्कैन करें
- साइबर ठगी से जुड़े किसी भी मामले में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं
लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू
भोपाल पुलिस ने शहर में विशेष जागरुकता अभियान शुरू किया है, जिसमें सोशल मीडिया, पोस्टर, जन-सम्पर्क कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सचेत किया जाएगा। इसके अलावा आवासीय क्षेत्रों, बाजारों और शिक्षण संस्थानों में भी साइबर सुरक्षा को लेकर जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाने की योजना है।
अंत में…
मतदाता सूची के स्पेशल रिवीजन के नाम पर हो रही ठगी ने आम नागरिकों को चिंता में डाल दिया है, लेकिन पुलिस द्वारा timely एडवाइजरी जारी करना राहत की बात है। साइबर अपराधी निरंतर नए तरीके खोज रहे हैं, ऐसे में जनता को सतर्क रहना और अनजान कॉल, लिंक या फाइल से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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