सीएम योगी आदित्यनाथ ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से हृदय से बधाई देने के लिए यहां आया हूं.”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके दसवें कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी है। मंगलवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा दिया। वे न केवल एक प्रमुख मेहमान के रूप में पहुंचे थे बल्कि उन्होंने यूपी की जनता की ओर से भी नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दीं।

सीएम योगी ने कहा कि वह बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन पर बेहद प्रसन्न हैं और उम्मीद जताई कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘डबल इंजन सरकार’ विकास की गति को और आगे बढ़ाएगी। योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 25 करोड़ जनता की ओर से नीतीश जी को हार्दिक बधाई देने आया हूँ। यह नई सरकार बिहार के विकास को नई दिशा देगी।”
गांधी मैदान में ऐतिहासिक पल
बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। नीतीश कुमार ने 20 नवंबर को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य और उच्च-स्तरीय समारोह में देशभर के कई शीर्ष नेता उपस्थित रहे। मंच पर एनडीए के राष्ट्रीय नेतृत्व की भव्य मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक शो ऑफ बना दिया।
शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति सबसे ज्यादा चर्चा में रही। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी समारोह में मौजूद थे। समारोह में केंद्रीय मंत्रीमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद और अन्य दिग्गज भी शामिल हुए।
नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली शपथ — रिकॉर्ड कायम

नीतीश कुमार भारतीय राजनीति में एक ऐसे नेता बन चुके हैं जिन्होंने स्थिरता और गठबंधन-राजनीति में गहरी पकड़ दिखाई है। दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना किसी भी नेता के लिए आसान नहीं होगा। बिहार में एनडीए ने मिलकर फिर एक बार सत्ता में वापसी की है और इस बार भी नीतीश कुमार को नेतृत्व की कमान सौंपकर गठबंधन ने उनके प्रति भरोसा जताया है।
नीतीश के साथ एनडीए की तरफ से दो उपमुख्यमंत्रियों—विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी—ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इन दोनों चेहरों को लगातार बनाए रखने के फैसले को स्थिरता और प्रशासनिक निरंतरता का संकेत माना जा रहा है।
योगी की मौजूदगी का राजनीतिक संदेश

सीएम योगी की शपथ ग्रहण में मौजूदगी को सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राजनीति के विस्तार वाले संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यूपी और बिहार—दोनों ही उत्तर भारतीय राजनीति के सबसे अहम राज्य हैं। दोनों राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं और केंद्रीय नेतृत्व लगातार इन राज्यों को राजनीतिक रणनीति के केंद्र में रखता है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के साथ यूपी का भावनात्मक और ऐतिहासिक संबंध रहा है और विकास के रास्ते पर दोनों राज्य साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार में एनडीए सरकार के गठन से सामाजिक-आर्थिक विकास को नए आयाम मिलेंगे।
शपथ ग्रहण में बड़ी संख्या में नेता और समर्थक पहुंचे
गांधी मैदान को इस अवसर पर भव्य रूप से सजाया गया था। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे और हजारों की संख्या में एनडीए समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित थे। मंच पर देश के बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में बदल दिया।
नया कार्यकाल और नई उम्मीदें
नीतीश कुमार के नए कार्यकाल से उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। बिहार में विकास, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर जनता की आकांक्षाएं बढ़ी हैं। डबल इंजन सरकार के दोबारा बनने के बाद सीएम योगी जैसे नेताओं का समर्थन और सहयोग इस बात का संकेत है कि केंद्र और राज्य मिलकर बिहार के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स और नीतियों पर काम करेंगे।