देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति BSF के 61वें स्थापना दिवस समारोह में अमित शाह ने कहा कि आज BSF सभी सीमाओं पर घुसपैठ रोकने के लिए पूरी क्षमता से काम कर रही है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल-फिलहाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए भविष्य की घोषणाएं की हैं। शाह ने कहा है कि यह कहीं का सामान्य सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि पूरी तरह आत्मरक्षा रणनीति थी और साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मंशा स्पष्ट संदेश देना था। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 2026 तक आतंकवाद के खिलाफ और पाकिस्तान तथा सीमा सुरक्षा को लेकर और भी निर्णायक कदम उठाने की योजना है।

ऑपरेशन सिंदूर: क्या है अहम खुलासे?
- 100 किमी अंदर तक कार्रवाई
अमित शाह ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना पाकिस्तान में करीब 100 किलोमीटर अंदर तक घुसी और नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। - ठोस आतंकवाद प्रतिक्रिया
शाह ने कहा कि यह हमला सिर्फ किसी सैन्य आधार को निशाना बनाने का नहीं था, बल्कि आतंकवाद के “दिल पर हमला” था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने आतंकवाद के इन ठिकानों को इस तरह नष्ट किया कि पाकिस्तान और अन्य देश इस शक्ति प्रदर्शन से सकते में हैं। - निर्णय लेने में पीएम मोदी की भूमिका
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति” ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पाकिस्तान-आतंकवाद के जुड़ाव को पूरी दुनिया के सामने उजागर किया है। - पहलगेम हमले का जवाब
शाह ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगेम में हुए आतंकवादी हमले का भारत का जवाब था। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा किए गए निर्दोष नागरिकों के हत्याकांडों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कार्रवाई “न्याय सुनिश्चित करने हेतु” की गई थी। - दुनिया को भारत का संदेश
उन्होंने साफ कहा, “भारत अब बदल चुका है, हमारे नागरिकों और सीमाओं के ख़िलाफ़ कोई छेड़खानी न करे। अगर किया तो नतीजे गंभीर होंगे।”यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि भारत की सुरक्षा नीति अब और अधिक सख्त और सक्रिय होगी।
2026 तक क्या लक्ष्य हैं?
- अमित शाह ने संकेत दिया है कि आतंकवाद विरोधी अभियान 2026 तक और तेज़ी से आगे बढ़ेंगे।
- उन्होंने यह वादा किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ “पूरी प्रतिबद्धता” ले कर आगे बढ़ेगा और किसी भी हमले का मुल्य चुकाने की नीति जारी रखेगा।
- इसके साथ ही, शाह ने कहा है कि पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों को घर में ही घुटन महसूस होनी चाहिए क्योंकि भारत अब सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी तरह के कदम उठाने को तैयार है।
विपक्ष और राजनीति पर भी निशाना

- अमित शाह ने राज्यसभा और लोकसभा दोनों में विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर हमला किया है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष आतंकवाद को राजनीतिक मुद्दे की तरह देखता रहा और सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं देता।
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आतंकवाद और पाकिस्तान-सम्बंधों में विपक्ष की प्राथमिकता वोट बैंक और राजनीति रही है, न कि देश की सुरक्षा।
सुरक्षा और रणनीतिक महत्व
ऑपरेशन सिंदूर को अमित शाह ने न सिर्फ सैन्य उपलब्धि बताया है, बल्कि यह भारत की भविष्य की सुरक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने यह विचार स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और सीमापार उकसाहटों का सामना अब भारत मजबूती, मज़बूत इरादे और निर्णायक कार्रवाई के साथ करेगा।
निष्कर्ष
अमित शाह की नई घोषणाओं ने साफ संकेत दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ शुरुआत है। 2026 तक भारत न केवल आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और गहरा करने की योजना में है, बल्कि वह एक ऐसे संदेश के साथ दुनिया को ये दिखाना चाहता है कि अब भारत सुरक्षा मामलों में पीछे नहीं हटेगा। शाह का यह खुला बयान न केवल पाकिस्तान को चेतावनी है, बल्कि भारतीय जनता को यह भरोसा देने की कोशिश है कि उनकी सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
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