बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र देओल का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है. पीएम मोदी ने दिग्गज अभिनेता के निधन पर शोक जताते हुए संवेदना प्रकट की है.
बॉलीवुड जगत से रविवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता और दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज करने वाले धर्मेंद्र देओल का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने फिल्म जगत, राजनीति और करोड़ों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया। भारतीय सिनेमा का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए ओझल हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया एक ऐसा विरासत, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

धर्मेंद्र के दुनिया से विदा लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा का “जीवंत अध्याय” बताया और कहा कि उनका जाना एक पूरी पीढ़ी के लिए अपूरणीय क्षति है।
पीएम मोदी का भावुक संदेश: “वे सादगी और गर्मजोशी की जीवंत मिसाल थे”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। वे एक प्रतिष्ठित फिल्मी हस्ती, एक अद्भुत अभिनेता थे जिन्होंने अपनी हर भूमिका में आकर्षण और गहराई भर दी। जिस तरह से उन्होंने विविध भूमिकाएं निभाईं, उसने अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ। धर्मेंद्र जी अपनी सादगी, विनम्रता और गर्मजोशी के लिए भी समान रूप से प्रशंसित थे। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।”
प्रधानमंत्री का यह संदेश इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय समाज की भावनाओं में गहराई तक पैठ बनाए हुए एक सांस्कृतिक प्रतीक थे।
सिनेमा में छह दशकों का सफर—खलनायक से लेकर हीरो और चरित्र अभिनेता तक अद्भुत यात्रा
धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में की थी और देखते ही देखते वह हिंदी फिल्मों के सबसे विश्वसनीय और लोकप्रिय चेहरों में शामिल हो गए। उन्हें “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” का खिताब यूं ही नहीं मिला। उनकी दमदार एक्शन भूमिकाएँ, रोमांटिक अंदाज़ और स्क्रीन पर उनकी सहजता ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया।
उनकी कुछ यादगार फिल्मों में शोले, चुपके चुपके, अनुपमा, सत्यकाम, धर्म वीर, छोटा भाई, सीता और गीता, रज़िया सुल्तान, और द बर्निंग ट्रेन जैसी फिल्में शामिल हैं। कॉमिक टाइमिंग, भावनात्मक गहराई और एक्शन—हर शैली पर उनकी बेहतरीन पकड़ उन्हें एक ‘पूर्ण अभिनेता’ की श्रेणी में रखती है।
फिल्म “शोले” में उनके द्वारा निभाया गया वीरू का किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर माना जाता है। उनकी “बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना” जैसी प्रतिष्ठित संवाद आज भी दर्शकों की ज़ुबान पर हैं।
व्यक्तित्व में विनम्रता, व्यवहार में गर्मजोशी
धर्मेंद्र की लोकप्रियता सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं थी। उनकी सादगी, मिलनसार स्वभाव और विनम्रता ने उन्हें देशभर के लोगों के दिलों में जगह दी। कई सह-कलाकारों ने अक्सर कहा है कि धर्मेंद्र सेट पर कभी वरिष्ठता का बोझ नहीं रखते थे, बल्कि सबके साथ परिवार जैसा व्यवहार करते थे।
परिवार और प्रशंसकों में शोक की लहर
धर्मेंद्र के निधन से देओल परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। अभिनेता सनी देओल, बॉबी देओल और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके साथ बिताए पलों को कई बार याद करते हुए सम्मान दिया है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक लगातार भावुक श्रद्धांजलि दे रहे हैं और अपने पसंदीदा अभिनेता की तस्वीरें, संवाद और यादें साझा कर रहे हैं।
भारतीय सिनेमा ने खोया एक अनमोल सितारा
धर्मेंद्र का जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी फिल्मों, संवादों, किरदारों और व्यक्तित्व ने उन्हें सदाबहार सितारा बना दिया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।
भारतीय सिनेमा के इस महानायक को हमेशा उनके प्रशंसकों और देशवासियों के दिलों में स्थान मिलेगा।
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