Purvanchal Express Way: शिकायतकर्ताओं की मानें तो आशुतोष हलियापुर एक्सप्रेस वे के आस पास के गांव की आने जाने वाली महिलाओं और लड़कियो का बाहर शौच इत्यादि का भी वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करता है,
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के मैनेजर की कथित हरकतों ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। आरोप है कि सिस्टम के प्रभारी आशुतोष विश्वास ने एक्सप्रेसवे पर स्थापित CCTV कैमरों का दुरुपयोग करते हुए लोगों की निजी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की, उन्हें ब्लैकमेल किया और कथित तौर पर अवैध वसूली भी की। मामला सामने आने के बाद इसका शिकायती पत्र और संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

यह पूरा प्रकरण हलियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां स्थित टोल प्लाजा पर एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। इस सिस्टम का उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और त्वरित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है। पूरे 340 किलोमीटर लंबी सड़क पर लगे कैमरों की निगरानी इसी कंट्रोल रूम से होती है। यहाँ तीन कर्मचारी नियुक्त हैं, जिनमें सिस्टम मैनेजर आशुतोष विश्वास भी शामिल है।
आरोप है कि आशुतोष ने इसी संवेदनशील प्रणाली का अपने फायदे के लिए दुरुपयोग किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह CCTV फुटेज की मदद से एक्सप्रेस-वे पर चल रहे वाहनों और यात्रियों की हरकतों पर निगाह रखता था और फिर इनके आधार पर लोगों से संपर्क कर उन्हें धमकाकर पैसे वसूलता था। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उसने कुछ फुटेज को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित पत्र में बताया है कि यह सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बनाया गया था, लेकिन मैनेजर ने इसकी गोपनीयता और तकनीकी क्षमता का दुरुपयोग करते हुए यात्रियों की प्राइवेसी को नुकसान पहुँचाया। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और शिकायत पत्र के चलते बड़ी संख्या में लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं।

सामने आए आरोपों के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है, क्योंकि ATMS जैसे संवेदनशील सिस्टम का दुरुपयोग सुरक्षा और गोपनीयता, दोनों के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। एक्सप्रेस-वे पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, और CCTV मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी एक कर्मचारी द्वारा इसमें की गई गड़बड़ी से सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित यात्रियों ने आरोप लगाया कि आशुतोष विश्वास निजी गतिविधियों के फुटेज निकालकर उन्हें फोन करता था, उनसे अवैध रकम मांगता था और धमकी देता था कि यदि पैसे न दिए तो उनका वीडियो वायरल कर देगा। कई लोग कथित तौर पर इस दबाव में आकर उसे पैसे दे भी देते थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं हुई है।
मामले के बढ़ते असर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। हलियापुर पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो और शिकायत पत्र की सत्यता की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर माना जा रहा है कि फुटेज के दुरुपयोग की आशंका गंभीर है, और सत्यता सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि CCTV सिस्टम के तकनीकी लॉग्स, एक्सेस रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
यूपी एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सुरक्षा प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन है, जिसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे मॉनिटरिंग सिस्टम में हर कर्मचारी की गतिविधि रिकॉर्ड होती है, इसलिए जांच के लिए पर्याप्त तकनीकी सबूत उपलब्ध हैं।
सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद लोग यात्रियों की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने मांग की है कि ATMS के संचालन की नियमित ऑडिट हो, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन आरोपों ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था और उसके संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। प्रशासन पर अब दबाव है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की पड़ताल करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।