लोकसभा में बुधवार को दिए गए गृह मंत्री अमित शाह के भाषण की हर तरफ चर्चा हो रही है। पीएम मोदी ने भी अमित शाह के इस भाषण की तारीफ की है और अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके इसके बारे में लिखा है।
लोकसभा में बुधवार को चुनाव सुधारों (Election Reforms) पर हुई अहम चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह संसद के केंद्र में रहे। उन्होंने संवैधानिक सुधारों, चुनावी पारदर्शिता और घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार का विस्तृत पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों पर तीखे शब्दों में वार किए। शाह ने स्पष्ट कहा कि चुनाव सुधारों का सबसे बड़ा उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है, लेकिन विपक्ष सिर्फ भ्रम फैलाने में लगा है।

चर्चा के दौरान अमित शाह ने सरकार द्वारा प्रस्तावित SIR (Secure Inclusive Registration) मॉडल को लेकर विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम पर कठोर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुरक्षित बनाना है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष का विरोध किसी सिद्धांत या लोकतांत्रिक चिंता पर आधारित नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक हितों से प्रेरित है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि SIR से अवैध मतदान और फर्जी वोटिंग जैसे कई बड़े मुद्दों का समाधान होगा। उनका कहना था कि “कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस सुधार का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में बनाए रखना चाहते हैं। उनका पूरा विरोध इसी पर आधारित है, न कि किसी वैधानिक तर्क या जनहित पर।”
उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता और सरकार की मंशा बेहद साफ है—अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम घुसपैठियों को देश में नहीं रहने देंगे। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है, और इसे लेकर हम किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं आने वाले हैं।”
अमित शाह के भाषण का मुख्य फोकस देश की मतदाता सूची को पारदर्शी व सुरक्षित बनाना था। उन्होंने विस्तार से समझाया कि SIR मॉडल किस प्रकार डेटा की सुरक्षा, पहचान की सत्यता और फर्जी मतदाता पंजीकरण को रोकने में मदद करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे चुनाव आयोग की प्रक्रियाएँ और अधिक आधुनिक व विश्वसनीय बनेंगी। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को जातीय और राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
लोकसभा में शाह के इस प्रभावी और आक्रामक भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी भरपूर प्रशंसा की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमित शाह ने चुनाव सुधारों के मुद्दे पर सरकार की नीति और मंशा को बेबाकी से पेश किया है। PM मोदी ने शाह के भाषण को “तथ्यपूर्ण, स्पष्ट और राष्ट्रहित से प्रेरित” बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विचार देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करते हैं और आने वाले समय में चुनाव प्रणाली और अधिक पारदर्शी होगी।
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि चुनाव सुधार केवल तकनीकी बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को भविष्य के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शाह ने विपक्ष के भ्रम का जवाब तथ्यों के साथ दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे पर कितना गंभीर और प्रतिबद्ध है।
अमित शाह के भाषण को सत्ता पक्ष के सांसदों की ओर से काफी सराहना मिली, जबकि विपक्ष ने इसे “राजनीतिक हमला” बताया। हालांकि, यह स्पष्ट है कि SIR पर सरकार का रुख बेहद दृढ़ है और इसे लेकर आगे भी जोरदार राजनीतिक बहस जारी रहने वाली है।
लोकसभा में हुई इस चर्चा ने चुनाव सुधारों को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है। जिस तरह शाह ने SIR और घुसपैठ के मुद्दे पर साफ और कठोर रुख अपनाया, उससे स्पष्ट है कि सरकार इस दिशा में बड़े और निर्णायक बदलाव की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, पीएम मोदी द्वारा की गई सार्वजनिक प्रशंसा ने इस पूरे मामले को और विशेष महत्व प्रदान कर दिया है।