भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने नए गाने में एफआईआर और कानूनी दबाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने गिरफ्तारी की चुनौती स्वीकार की और महिलाओं पर हो रहे दबाव पर सवाल उठाया.
भोजपुरी लोक गायिका और सोशल मीडिया सेंसेशन नेहा सिंह राठौर एक बार फिर अपने नए गाने को लेकर सुर्खियों में हैं। अपने व्यंग्यात्मक और राजनीतिक तौर पर तीखे गीतों के लिए जानी जाने वाली नेहा ने इस बार भी बेबाकी से अपनी बात रखी है। हाल ही में उनके खिलाफ दर्ज हुई FIR और बढ़ती कानूनी कार्रवाइयों को लेकर उन्होंने एक नया गीत रिलीज किया, जो कुछ ही घंटों में इंटरनेट पर वायरल हो गया।

नेहा ने यह नया गीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, जहां उनके लाखों फॉलोअर्स उनकी हर रिलीज का इंतज़ार करते हैं। गाने की शुरुआती पंक्तियाँ ही पूरे माहौल का लहजा तय कर देती हैं—
“कश्मीर से कन्याकुमारी तक बयार बा, देशवा में हमरा पे दर्ज FIR बा…”
इन पंक्तियों से साफ है कि नेहा अपने ऊपर हुए मामलों को लेकर सिर्फ नाराज ही नहीं, बल्कि राज्यसत्ता और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रही हैं।
प्रशासन और ‘साहेब’ पर सीधा निशाना
गाने की सबसे चर्चित पंक्ति है—
“बात-बात पे साहेब FIR करवाना, छोड़ दो न बेटी-बहुओं को धमकाना।”
नेहा ने इन लাইনें सिर्फ गीत में नहीं, बल्कि एक सामाजिक टिप्पणी के रूप में पेश की हैं। वह यह दिखाने की कोशिश करती हैं कि सत्ता में बैठे कुछ लोग महिला कलाकारों, नेताओं और आम महिलाओं पर दमनकारी रवैया अपनाते हैं।
इसके आगे वह कहती हैं—
“औरत पे जोर दिखाए ये कैसा मर्दाना…”
इस पंक्ति से नेहा ने न सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई, बल्कि उस मानसिकता पर हमला बोला है जिसमें महिलाओं को डराकर चुप कराने की कोशिश की जाती है। उनके इस गीत को कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने ‘साहसी’, ‘निडर’ और ‘सिस्टम के डर के खिलाफ खड़ा होने वाला’ बताया है।
नेहा का स्पष्ट बयान—‘गिरफ्तार कर लो, मैं तैयार हूं’
वीडियो पोस्ट करते हुए नेहा ने एक लंबा कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि वह न तो डरती हैं, और न ही अपने विचारों से पीछे हटेंगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर राज्य सरकार उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है, तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नेहा ने लिखा—
“मैं भागने वालों में से नहीं हूं। मेरे गीत जनता की आवाज हैं। अगर मेरी आवाज से सत्ता को इतनी परेशानी है तो गिरफ्तार कर लीजिए, मैं तैयार हूं।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और #NehaSinghRathore ट्रेंड करने लगा। हजारों लोगों ने उनके समर्थन में पोस्ट लिखे। कई यूजर्स ने कहा कि लोकगायिका ने फिर से साबित किया है कि कला सत्ता से बड़े सवाल पूछने की ताकत रखती है।
पहले भी विवादों में रही हैं भोेजपुरी गायिका

नेहा सिंह राठौर पहले भी अपने गानों के कारण कानूनी विवादों में घिर चुकी हैं। उनका प्रसिद्ध गीत ‘यूपी में का बा?’ यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान खूब वायरल हुआ था। इस गीत पर भी कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बाद में ‘बिहार में का बा?’ और अन्य व्यंग्य गीतों ने उन्हें लगातार चर्चा में रखा।
नेहा उन चुनिंदा कलाकारों में हैं जो अपनी कला को सामाजिक मुद्दों से जोड़ती हैं और सत्ता, प्रशासन और अन्य संस्थाओं के प्रति दो टूक बोलने से नहीं कतरातीं।
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया
जहां एक ओर कई यूजर्स ने नेहा की निर्भीकता की तारीफ की, वहीं कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि कलाकारों को तथ्यों और जिम्मेदारी का भी ख्याल रखना चाहिए। कुछ राजनीतिक दलों के समर्थकों ने उन पर ‘राजनीतिक प्रायोजन’ का आरोप लगाया, लेकिन नेहा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनकी आवाज किसी पार्टी की नहीं, जनता की आवाज है।
नेहा का संदेश—‘सत्ता बदलेगी, आवाज नहीं रुकनी चाहिए’
गीत के अंत में नेहा यह संदेश देती हैं कि सत्ता वही रहती है जो जनता की बात सुने, न कि उसे दबाए। वह कहती हैं कि देश में लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब आवाज उठाने वाले लोगों को डराया-धमकाया नहीं जाएगा।
नेहा सिंह राठौर का यह गीत सिर्फ एक कलात्मक प्रस्तुति नहीं, बल्कि वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर एक सवाल है—और यही कारण है कि यह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।