आप सांसद संजय सिंह ने लूथरा ब्रदर्स के भागने पर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया. उन्होंने इन दोनों की गिरफ्तारी का स्वागत किया और शीघ्र भारत लौटाकर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने थाईलैंड से पकड़े गए लूथरा ब्रदर्स के मामले में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह भागने की साधारण घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित “फरारी” थी, जिसमें सत्ता और प्रशासनिक तंत्र के कुछ लोगों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पर जारी बयान में संजय सिंह ने केंद्र सरकार, खासकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला।

संजय सिंह ने कहा कि लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी स्वागत योग्य है, लेकिन इससे उन सवालों का जवाब खत्म नहीं होता कि इतने बड़े हादसे में 25 लोगों की मौत के बाद भी आरोपी किसके संरक्षण में देश छोड़कर भागने में सफल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर बीजेपी सरकार ने मदद न की होती, तो आरोपी गोवा से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़कर थाईलैंड नहीं पहुंच पाते।
“भागने के पीछे सिर्फ उनकी प्लानिंग नहीं, किसी के हाथ भी थे”
AAP सांसद ने कहा कि वह किसी निराधार आरोप के लिए नहीं बोल रहे, बल्कि जनता के मन में उठ रहे सवालों को आवाज दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लूथरा ब्रदर्स इतने प्रभावशाली नहीं थे कि वे अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार होकर आसानी से भारत से बाहर चले जाएँ। इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की मदद और राजनीतिक संरक्षण की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता।
उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी पर काम नहीं करना चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाना चाहिए कि किन-किन लोगों ने उनकी मदद की, किसने उन्हें सुरक्षा कवच दिया और किनके प्रभाव में वे एयरपोर्ट तक पहुँच पाए।
“25 लोगों की मौत… और सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली”
इस घटना से जुड़े हादसे में 25 लोगों की जान गई थी। संजय सिंह ने कहा कि इतने बड़े जनहानि वाले मामले में सरकार को खुद पहल करनी चाहिए थी और जवाब देना चाहिए था कि दोषी कैसे देश छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक फरारी नहीं है, बल्कि एक “सिस्टम फेलियर” है, जिसने जनता का भरोसा हिला दिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि आम जनता को हवाई टिकट तक आसानी से उपलब्ध नहीं होती, जबकि आरोपी इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पर आराम से बैठकर देश से बाहर निकल गए। उन्होंने कहा कि आम लोग छोटी-छोटी प्रक्रियाओं में फंस जाते हैं, लेकिन जिन पर दर्जनों लोगों की मौत का आरोप है, उन्हें इतनी आसानी से एयरपोर्ट से निकल जाना चौंकाने वाला है।
“इंडिगो फ्लाइट आम लोगों के लिए नहीं, पर ये कैसे चढ़ गए?”
संजय सिंह ने एयरलाइन कंपनी और प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट पर चढ़ना आम जनता के लिए आसान नहीं होता, विशेषकर ऐसी स्थिति में जब आरोपी होने की जानकारी प्रशासन के पास पहले से होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी, इमिग्रेशन और अन्य प्रशासनिक एजेंसियों को इस पूरी स्थिति की भनक तक कैसे नहीं लगी?
उन्होंने पूछा कि क्या एजेंसियों को पहले से सूचना नहीं थी, या फिर जानबूझकर इस सूचना को दबा लिया गया।
“सरकार असल मुद्दे से बच रही है”
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल गिरफ्तारी के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन असल सवालों से बच रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी बाहर गए, इससे पहले एक “प्रोटेक्टिव कवर” मिला, यह जांच का विषय है और सरकार को इससे बचना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया यह दिखाता है कि वह या तो जानबूझकर मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रही है या फिर आरोपी किसी बड़े नेटवर्क के संरक्षण में हैं।
“जनता जवाब चाहती है, सच सामने आना चाहिए”
AAP सांसद ने अंत में कहा कि 25 मौतों की जिम्मेदारी केवल आरोपियों की नहीं, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने उन्हें भागने में मदद की। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने लाना ही पीड़ित परिवारों के साथ न्याय होगा।
उन्होंने मांग की कि सरकार को इस मामले की पारदर्शी जांच करानी चाहिए और यह बताना चाहिए कि गोवा से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने तक लूथरा ब्रदर्स को किसने सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराईं।