जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी राजनीतिक सक्रियता को एक नई दिशा देते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आने वाले समय में न केवल विस्तार करेगी बल्कि दो महत्वपूर्ण राज्यों—पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश—के विधानसभा चुनावों में भी अपने उम्मीदवार उतारेगी। तेज प्रताप का यह बयान पार्टी की नई रणनीति और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का संकेत देता है।

तेज प्रताप यादव ने कहा कि जनशक्ति जनता दल अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहने वाला। पार्टी लगातार अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने खुलकर कहा, “हम अपनी पार्टी का लगातार विस्तार कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भी हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी और 2027 में हम यूपी में भी चुनाव लड़ेंगे।” उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि तेज प्रताप यादव अब क्षेत्रीय से राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने चुनावी विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। तेज प्रताप ने कहा कि आज कोई भी सुरक्षित नहीं है, चाहे वह नेता हो या आम नागरिक। उन्होंने कहा, “अभी कोई सुरक्षित नहीं है। हम भी सुरक्षित नहीं हैं। कोई भी आकर हमला कर सकता है।” यह बयान उन्होंने हाल के कुछ राजनीतिक तनावपूर्ण घटनाक्रमों को देखते हुए दिया। यह टिप्पणी उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है।
उन्होंने अपनी बहन और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ खड़े होने की बात भी जोर देकर कही। तेज प्रताप ने कहा कि परिवार और पार्टी की मजबूती के लिए वह पूरी तरह एकजुट रहेंगे। उनके अनुसार, चाहे कितनी भी राजनीतिक चुनौतियाँ आएं, वह अपने परिवार और सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
इसके अलावा उन्होंने सामाजिक सरोकार का मुद्दा उठाते हुए सरकार से मांग की कि सड़क किनारे मेहनत-मजदूरी करके जीवन जीने वाले गरीब परिवारों के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाए। तेज प्रताप ने कहा कि बिहार, यूपी और बंगाल सहित कई राज्यों में ऐसे हजारों परिवार हैं जो वर्षों से झुग्गियों में रहते आए हैं, लेकिन उनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं है। उन्होंने सरकारों से आग्रह किया कि इस दिशा में तुरंत कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार से मांग है कि जो लोग सड़क किनारे मेहनत-मजदूरी करके रह रहे हैं, उन्हें भी उचित घर की व्यवस्था दी जाए। गरीबों को सम्मानजनक जीवन मिलना चाहिए।” तेज प्रताप का यह बयान सामाजिक न्याय और कल्याणकारी राजनीति की ओर उनका झुकाव दर्शाता है, जो उनके पिता लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक शैली से काफी मेल खाता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेज प्रताप यादव का यह कदम न केवल उनकी राजनीतिक छवि को नई मजबूती देगा, बल्कि विपक्षी दलों में भी हलचल पैदा कर सकता है। पश्चिम बंगाल में पहले से ही कई पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है, ऐसे में जनशक्ति जनता दल के उतरने का फैसला चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, 2027 में यूपी चुनाव लड़ने का ऐलान यह संकेत देता है कि तेज प्रताप यादव उत्तर भारतीय राजनीति में बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं।
हालाँकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जनशक्ति जनता दल दोनों राज्यों में संगठन स्तर पर इतनी मजबूती जुटा पाएगा कि वह स्थानीय स्तर पर प्रभाव छोड़ सके। लेकिन तेज प्रताप के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब केवल प्रतीकात्मक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की दिशा में गंभीर कदम उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, तेज प्रताप यादव का यह ऐलान न केवल उनके राजनीतिक विस्तार का संकेत है बल्कि आने वाले चुनावी मुकाबलों में नए समीकरणों के उभरने की संभावना भी बढ़ा देता है। राजनीति में सक्रियता बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की उनकी कोशिशें अब तेज होती दिख रही हैं।