अरविंद केजरीवाल ने इस चुनाव को निष्पक्ष बताते हुए पिछली सरकारों पर धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मान सरकार के कामकाज से जनता खुश है.
पंजाब की राजनीति में एक बार फिर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। पंजाब जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव में पार्टी को बंपर जीत मिली है। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी पहले स्थान पर रही, जबकि कांग्रेस दूसरे और शिरोमणि अकाली दल तीसरे स्थान पर रहे। इस बड़ी जीत के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब की जनता का आभार जताया और विपक्ष के आरोपों पर तीखा जवाब दिया।

जीत पर केजरीवाल का संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह जीत पंजाब की जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हुए इन चुनावों ने यह साबित कर दिया है कि लोग आम आदमी पार्टी की नीतियों, कामकाज और ईमानदार राजनीति पर भरोसा कर रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, “पंजाब की जनता ने एक बार फिर बता दिया है कि उन्हें कौन सी राजनीति पसंद है और कौन सी नहीं।”
चुनाव में धांधली के आरोपों पर जवाब
चुनाव नतीजों के बाद विपक्ष की ओर से धांधली और दबाव के आरोप लगाए जा रहे थे। इन आरोपों पर अरविंद केजरीवाल ने सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि इन चुनावों में किसी तरह का घपला, धोखेबाजी या धक्काशाही नहीं हुई है।
उन्होंने साफ कहा, “अगर हमने चीटिंग की होती तो नतीजे कुछ और ही होते। लेकिन ये चुनाव पूरी तरह फ्री और फेयर हुए हैं।”
2013 और 2018 के चुनावों से तुलना
केजरीवाल ने अपने बयान में 2013 और 2018 के ग्रामीण चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी।
उन्होंने कहा, “2013 और 2018 में जो ग्रामीण चुनाव हुए थे, वो केवल धक्काशाही से कराए गए थे। न तो वोटिंग की वीडियोग्राफी हुई थी और न ही काउंटिंग का कोई ठोस रिकॉर्ड रखा गया था। उस वक्त न डेटा था और न ही पारदर्शिता।”
इस बार कैसे हुए चुनाव
अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि इस बार के चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। उन्होंने बताया कि मतदान से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है।
केजरीवाल ने कहा, “इस बार हर पोलिंग बूथ पर निगरानी रखी गई, हर चरण को रिकॉर्ड किया गया और डेटा सुरक्षित रखा गया। यही वजह है कि हम पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि ये चुनाव फ्री और फेयर इलेक्शन हैं।”
सबूत पेश करने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं, जो यह साबित करते हैं कि चुनाव में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई।
उन्होंने कहा, “मैं आपके सामने ऐसा सबूत पेश कर रहा हूं, जो दिखाता है कि चुनाव कितने फेयर हुए हैं। वीडियोग्राफी और डेटा सब कुछ मौजूद है। कोई भी इसे देख सकता है।”
विपक्ष पर निशाना
केजरीवाल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि हार के बाद आरोप लगाना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब जनता का फैसला उनके खिलाफ आता है, तो वे ईवीएम, प्रशासन या धांधली का बहाना बनाने लगते हैं।
उनका कहना था कि विपक्ष को हार स्वीकार कर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने चाहिए।
पंजाब में AAP की बढ़ती पकड़
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में मिली यह जीत आम आदमी पार्टी के लिए बेहद अहम है। यह न केवल ग्रामीण इलाकों में पार्टी की मजबूत होती पकड़ को दर्शाती है, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए भी एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, पंजाब के ग्रामीण चुनावों में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत और अरविंद केजरीवाल का यह बयान साफ करता है कि पार्टी इन नतीजों को पूरी पारदर्शिता और जनता के भरोसे की जीत के रूप में पेश कर रही है। वहीं, यह जीत पंजाब की राजनीति में एक बार फिर नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा करती है।