उत्तर प्रदेश के कई शहर में इन दिनों कड़ाके ठंड पड़ रही है. बीते 24 घंटे में बुलंदशहर और वाराणसी में ठंड के तेवर महसूस किये गए हैं. वहीं गोरखपुर में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा है.
उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों से आ रही सर्द हवाओं और उत्तर-पश्चिमी शीतलहर के चलते मैदानी राज्यों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या से लेकर यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं तक पर असर पड़ा है। गोरखपुर, वाराणसी और बुलंदशहर इस समय भीषण सर्दी की चपेट में हैं।

बीते 24 घंटे की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में रात का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। ठंड के इस स्तर ने रात के समय लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीण इलाकों में लोग देर रात तक अलाव जलाकर सर्दी से बचाव करते नजर आए, वहीं शहरों में भी सड़कों और मोहल्लों में अलाव की व्यवस्था की गई। ठंड के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दूसरी ओर, पूर्वांचल का प्रमुख शहर वाराणसी गुरुवार को दिनभर सबसे ठिठुरने वाला शहर रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 9.9 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर महज 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह स्थिति ‘कोल्ड डे’ की श्रेणी में आती है, जब दिन का तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं और धूप की कमी के चलते लोगों को दिन में भी सर्दी का एहसास होता रहा।

वाराणसी में ठंड और कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें देरी से चलीं, जबकि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को सुबह-सुबह भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ-साथ चाय, कॉफी और सूप जैसे गर्म पेय का सहारा लेते नजर आए।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी ठिठुरन वाली ठंड ने लोगों को परेशान कर रखा है। यहां दिन और रात दोनों समय सर्द हवाओं का असर बना हुआ है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है। गोरखपुर के बाजारों और चौराहों पर अलाव जलते दिखाई दे रहे हैं, जहां लोग हाथ सेंकते हुए नजर आ रहे हैं। ठंड के कारण खुले में काम करने वाले मजदूरों और रिक्शा चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। खासतौर पर रात और सुबह के समय तापमान और गिर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठंड में सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी शीतलहर को देखते हुए अलाव, रैन बसेरों और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में इस समय ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। गोरखपुर, वाराणसी और बुलंदशहर जैसे शहरों में तापमान गिरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और आने वाले दिनों में ठंड का यह दौर और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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