अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले जल्द ही टीमों का ऐलान शुरू होने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि एक से दो दिन के भीतर टीम इंडिया की घोषणा बीसीसीआई की ओर से कर दी जाएगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 भले ही अगले साल खेला जाना है, लेकिन इसकी तैयारियां अभी से तेज हो चुकी हैं। इस मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करेंगे, जिससे दक्षिण एशिया में एक बार फिर क्रिकेट का महाकुंभ देखने को मिलेगा। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 7 फरवरी को खेले जाने की योजना है और जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सभी टीमों की रणनीति, संभावित स्क्वॉड और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चर्चा तेज हो गई है।

टी20 वर्ल्ड कप से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया का ऐलान कब होगा। भारतीय क्रिकेट फैंस की निगाहें चयन समिति और बीसीसीआई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय में टीम इंडिया ने टी20 फॉर्मेट में कई प्रयोग किए हैं। युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए जा रहे हैं और सीनियर खिलाड़ियों के रोल को लेकर भी बहस जारी है। ऐसे में वर्ल्ड कप स्क्वॉड का चयन आसान नहीं माना जा रहा।
आमतौर पर आईसीसी टूर्नामेंट से करीब एक से डेढ़ महीने पहले टीमों की घोषणा कर दी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, टीम इंडिया का संभावित स्क्वॉड भी इसी समय सीमा के भीतर सामने आ सकता है। हालांकि, चयनकर्ताओं की नजर टी20 वर्ल्ड कप से पहले खेले जाने वाले मुकाबलों पर होगी, क्योंकि इन्हीं मैचों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम टीम को आकार दिया जाएगा। चोट, फिटनेस और फॉर्म जैसे फैक्टर भी चयन में अहम भूमिका निभाएंगे।

टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास ज्यादा मुकाबले नहीं होंगे, जिससे हर मैच की अहमियत और बढ़ जाती है। सीमित मैचों में ही टीम मैनेजमेंट को अपनी बेस्ट इलेवन, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी संयोजन तय करना होगा। माना जा रहा है कि टीम इंडिया को वर्ल्ड कप से पहले कुछ द्विपक्षीय टी20 सीरीज और संभवतः एक मल्टी-नेशन टूर्नामेंट खेलने का मौका मिल सकता है। इन्हीं मैचों में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का सही संतुलन खोजने की कोशिश की जाएगी।
इन मुकाबलों में भारत का सामना मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीमों से होने की उम्मीद है, ताकि खिलाड़ियों को दबाव भरे हालात में खेलने का अनुभव मिल सके। चयनकर्ता खास तौर पर उन खिलाड़ियों पर नजर रखेंगे, जो बड़े मैचों में प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी में स्ट्राइक रेट, फिनिशिंग एबिलिटी और गेंदबाजी में डेथ ओवरों का प्रदर्शन अहम कसौटी होगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी भारत और श्रीलंका के पास होने के चलते पिच और परिस्थितियों का फायदा भी टीम इंडिया को मिल सकता है। स्पिनर्स की भूमिका इस टूर्नामेंट में अहम रहने की संभावना है, वहीं तेज गेंदबाजों से भी डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी की उम्मीद की जाएगी। बल्लेबाजों के लिए भी घरेलू परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा, ताकि टीम को मजबूत शुरुआत और अंत मिल सके।
फैंस की दिलचस्पी इस बात में भी है कि क्या टीम इंडिया इस बार पूरी तरह युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करेगी या फिर अनुभव और युवा जोश का मिश्रण देखने को मिलेगा। पिछले टी20 टूर्नामेंट्स में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, ऐसे में इस बार टीम संतुलन और रणनीति पर खास ध्यान दे रही है। कप्तानी को लेकर भी चर्चाएं हैं, क्योंकि नेतृत्व की भूमिका टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में बेहद अहम होती है।
कुल मिलाकर, टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। टीम इंडिया का ऐलान कब होगा, किन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा और वर्ल्ड कप से पहले भारत कितने और किन टीमों के खिलाफ टी20 मुकाबले खेलेगा—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे सामने आएंगे। लेकिन इतना तय है कि सीमित मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन ही खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड कप का टिकट पक्का करने का सबसे बड़ा जरिया होगा।
Also Read :
ऋषभ पंत का धमाका! सहवाग का रिकॉर्ड ध्वस्त कर बने नए नंबर 1 !