पाकिस्तानी रिपोर्टर नीतीश कुमार हिजाब विवाद पर सपा नेता सुमैया राणा से बात करना चाहता था, लेकिन सुमैया ने इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया और कहा कि हम नहीं चाहते कि पड़ोसी मुल्क दखल दे.
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब खींचे जाने के कथित मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर देश के भीतर राजनीतिक बयानबाज़ी चल ही रही थी कि अब पाकिस्तान ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाकर विवाद को और हवा देने की कोशिश की। इसी क्रम में लाहौर स्थित एक टीवी चैनल के रिपोर्टर ने समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता और मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा से संपर्क किया, लेकिन सपा नेता ने न सिर्फ इंटरव्यू देने से इनकार किया बल्कि पाकिस्तानी रिपोर्टर को सख्त और करारा जवाब देकर हड़का भी दिया।

जानकारी के मुताबिक, लाहौर से एक पत्रकार ने सुमैया राणा को फोन कर बिहार के हिजाब विवाद पर इंटरव्यू का प्रस्ताव रखा था। रिपोर्टर ने दावा किया कि उसने इस मुद्दे को लेकर पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू से भी बातचीत की है और उन्होंने इस विषय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही है। पाकिस्तानी पत्रकार का मकसद इस संवेदनशील मुद्दे पर भारतीय राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया दिखाकर इसे अंतरराष्ट्रीय बहस का रूप देना था।
हालांकि, सुमैया राणा ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। सुमैया ने रिपोर्टर से कहा कि बिहार का हिजाब विवाद पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है और इसे लेकर पाकिस्तान को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए, जहां मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार सवालों के घेरे में रहती है।
सुमैया राणा ने बातचीत के दौरान कहा कि कुछ ताकतें जानबूझकर भारत के संवेदनशील मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ले जाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि सपा या कोई भी जिम्मेदार राजनीतिक दल ऐसे किसी प्रयास का हिस्सा नहीं बनेगा, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचे। सुमैया ने स्पष्ट किया कि वह न तो पाकिस्तानी मीडिया को इंटरव्यू देंगी और न ही किसी ऐसे मंच का इस्तेमाल करेंगी, जो भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए जाना जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में हिजाब को लेकर जो भी विवाद है, उस पर देश की अदालतें, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं फैसला करने में सक्षम हैं। इसके लिए किसी विदेशी देश की टिप्पणी या हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। सुमैया राणा का यह भी कहना था कि पाकिस्तान अक्सर भारत के आंतरिक मामलों पर बयानबाज़ी कर अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति बटोरने की कोशिश करता है, लेकिन इस बार उसे करारा जवाब मिला है।
सपा नेता के इस रुख की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हो रही है। कई नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने सुमैया राणा के जवाब की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सही समय पर सही स्टैंड लिया। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि हिजाब विवाद पर राजनीति करना और उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाना, दोनों ही गलत हैं।
गौरतलब है कि बिहार में हिजाब से जुड़ा मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जोड़कर सामने आने के बाद राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील हो गया है। इस पर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में पाकिस्तान की मीडिया द्वारा इस मुद्दे में रुचि दिखाना कई लोगों को खटक रहा है।
कुल मिलाकर, बिहार के हिजाब विवाद ने अब सिर्फ राज्य या देश की राजनीति तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा की कोशिशों को भी जन्म दे दिया है। हालांकि, सुमैया राणा के सख्त रुख ने यह साफ कर दिया है कि भारत के आंतरिक मामलों पर किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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