नीतीश सरकार पर थरूर का बयान, बिहार की तारीफ से कांग्रेस में खलबली !

नालंदा साहित्य महोत्सव में भाग लेने बिहार पहुंचे शशि थरूर ने नीतीश सरकार की जमकर तारीफ की. इससे पहले कांग्रेस सांसद थरूर पीएम मोदी की भी तारीफ कर चुके हैं.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। सोमवार, 22 दिसंबर को बिहार पहुंचे शशि थरूर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की खुलकर तारीफ की। खास बात यह है कि जिस नीतीश सरकार की उन्होंने सराहना की, उसी सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक प्रमुख गठबंधन सहयोगी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानी जाती है। ऐसे में थरूर का यह बयान कांग्रेस के भीतर भी असहजता पैदा कर सकता है।

नीतीश सरकार पर थरूर का बयान, बिहार की तारीफ से कांग्रेस में खलबली !
नीतीश सरकार पर थरूर का बयान, बिहार की तारीफ से कांग्रेस में खलबली !

दरअसल, शशि थरूर नालंदा साहित्य महोत्सव में भाग लेने के लिए बिहार आए थे। इस दौरान एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने बिहार में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि बिहार का इंफ्रास्ट्रक्चर पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। थरूर ने कहा, “सड़कें बेहतर हैं, लोग देर रात तक सड़कों पर दिखाई देते हैं, जबकि पहले ऐसा देखने को नहीं मिलता था।”

उन्होंने आगे कहा कि राज्य में अब बिजली और पानी की स्थिति भी पहले से कहीं ज्यादा सुधरी है। शशि थरूर के मुताबिक, “अब तक जो मैंने देखा है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि बिजली, पानी और बाकी बुनियादी सुविधाएं ठीक से काम कर रही हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह बदलाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में साफ नजर आता है।

शशि थरूर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है। विपक्ष अक्सर नीतीश सरकार पर विकास के दावों को लेकर सवाल उठाता रहा है। वहीं, थरूर की ओर से खुले मंच पर नीतीश सरकार की तारीफ को राजनीतिक गलियारों में एक अलग संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी लंबे समय से बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन में रही है और नीतीश कुमार की जेडीयू को अपना प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानती रही है। इसके बावजूद शशि थरूर ने नीतीश सरकार के कामकाज की प्रशंसा कर पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस के भीतर भी सवाल खड़े कर सकता है, क्योंकि पार्टी अक्सर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को निशाने पर लेती रही है।

हालांकि, थरूर के समर्थकों का कहना है कि उनका बयान पूरी तरह विकास और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित है, न कि किसी राजनीतिक गठबंधन के समर्थन में। शशि थरूर पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि अच्छे काम की सराहना पार्टी सीमाओं से ऊपर होनी चाहिए। उनका मानना है कि जहां भी सकारात्मक बदलाव दिखे, उसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार लंबे समय से बुनियादी ढांचे, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और कानून-व्यवस्था को अपनी उपलब्धियों के तौर पर पेश करती रही है। सरकार का दावा रहा है कि इन सुधारों के चलते राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आया है। थरूर का बयान इन दावों को एक तरह से मजबूती देता नजर आ रहा है।

वहीं, कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं के लिए यह बयान असहज करने वाला हो सकता है। पार्टी के कई नेता नीतीश सरकार और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर लगातार हमलावर रहते हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद द्वारा सरकार की तारीफ को लेकर पार्टी में अंदरूनी चर्चा तेज होना तय माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, नालंदा साहित्य महोत्सव के बहाने बिहार पहुंचे शशि थरूर ने विकास को लेकर जो बातें कहीं, उन्होंने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस बयान को किस तरह लेता है और क्या पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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