बस्ती में औषधि विभाग की दबिश, कोडीन विवाद से बाजार में अफरा-तफरी !

कोडीन कफ सिरप को लेकर यूपी की एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. जिसके बाद जनपद में कफ सिरप का कारोबार करने वाले व्यापारियों की जांच कर रही है और खरीद फरोख्त की जानकारी ली जा रही है.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक बार फिर दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कोडीन कफ सिरप को लेकर प्रदेश भर में चल रही सख्ती के बीच औषधि विभाग ने बस्ती में थोक दवा व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के दवा कारोबार का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले साहू मार्केट में औषधि विभाग की छापेमारी से पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बस्ती में औषधि विभाग की दबिश, कोडीन विवाद से बाजार में अफरा-तफरी !
बस्ती में औषधि विभाग की दबिश, कोडीन विवाद से बाजार में अफरा-तफरी !

जानकारी के अनुसार, बस्ती में कोडीन कफ सिरप के दुरुपयोग और अवैध सप्लाई की आशंकाओं को देखते हुए यूपी की एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसी क्रम में जनपद में कफ सिरप और नारकोटिक्स श्रेणी में आने वाली दवाओं का कारोबार करने वाले थोक व्यापारियों की गहन जांच शुरू की गई है। सोमवार देर शाम औषधि विभाग की टीम कोतवाली थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित साहू मार्केट पहुंची। यह बाजार जिले में दवा के थोक कारोबारियों का सबसे बड़ा हब माना जाता है।

छापेमारी की अगुवाई औषधि निरीक्षक अरविंद यादव ने की। टीम ने साहू मार्केट में स्थित ईस्टर्न ड्रग एजेंसी समेत कई दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक, बिल, लाइसेंस और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। इस दौरान कई दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ती नजर आईं, क्योंकि वे दवाओं के लेन-देन से संबंधित रजिस्टर और आवश्यक रिकॉर्ड मौके पर नहीं दिखा सके।

औषधि निरीक्षक अरविंद यादव ने जब एक थोक व्यापारी से पिछले छह महीनों के दौरान कोडीन और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की बिक्री का पूरा विवरण मांगा, तो दुकान संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद औषधि विभाग की टीम ने दुकान की और भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने दवाओं के सैंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ दुकानों पर दवाओं की बिक्री का रजिस्टर अद्यतन नहीं था, जबकि नियमों के अनुसार थोक दवा कारोबारियों को हर दवा की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। खासकर कोडीन कफ सिरप और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के मामले में नियम और भी सख्त हैं।

छापेमारी के अंत में औषधि विभाग ने संबंधित दुकानदारों से पिछले छह महीनों में हुई दवाओं की खरीद-फरोख्त का पूरा रजिस्टर तलब किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया जाएगा और यदि किसी भी तरह की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की संभावना जताई जा रही है।

औषधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप के दुरुपयोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई जगहों पर इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इसी वजह से प्रदेश स्तर पर दवा कारोबारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। बस्ती में की गई यह छापेमारी उसी अभियान का हिस्सा है।

उधर, साहू मार्केट के दवा व्यापारियों में इस कार्रवाई के बाद डर और असमंजस का माहौल है। कई दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अचानक हुई छापेमारी से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। हालांकि, कुछ व्यापारियों का कहना है कि जो लोग नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।

फिलहाल, औषधि विभाग द्वारा लिए गए सैंपल और मांगे गए रजिस्टरों की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बस्ती में कोडीन कफ सिरप के कारोबार में कितनी अनियमितताएं हैं। लेकिन इतना तय है कि इस कार्रवाई ने जिले के दवा कारोबारियों को सतर्क कर दिया है और आने वाले दिनों में औषधि विभाग की सख्ती और बढ़ सकती है।

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