कोडीन सिरप केस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में सख्त रुख अपनाया और कहा कि इसका इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर के परामर्श से ही हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा तंज कसा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को कोडीन युक्त कफ सिरप मामले पर जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ सरकार का पक्ष रखा, बल्कि समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों पर तीखा तंज भी कसा। सीएम योगी के बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए सियासी माहौल गर्म हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोडीन सिरप कोई सामान्य दवा नहीं है, बल्कि इसका सेवन केवल चिकित्सीय परामर्श पर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर बच्चों के मामले में तो डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी होती है, जबकि वयस्क भी बिना परामर्श इसके सेवन से बचते हैं। सीएम ने कहा, “खांसी होने पर लोग कफ सिरप जरूर लेते हैं, लेकिन यह हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाता है। इसे लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाना ठीक नहीं है।”
सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार इस विषय को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ड्रग कंट्रोल विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सरकार सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी ने सपा विधायकों पर तंज कसते हुए कहा,
“चूंकि पढ़ाई-लिखाई से आप लोगों का वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग हमेशा इस प्रकार की बातें करते हैं।”
सीएम का यह बयान आते ही सपा के विधायकों ने विरोध दर्ज कराया और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। विपक्षी विधायकों ने इस टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए आपत्ति जताई, वहीं सत्ता पक्ष के विधायक मुख्यमंत्री के समर्थन में नजर आए।
सपा विधायकों का आरोप था कि प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप का दुरुपयोग बढ़ रहा है, खासकर युवाओं और बच्चों में इसके गलत इस्तेमाल की शिकायतें सामने आ रही हैं। विपक्ष ने सरकार से इस पर ठोस कार्रवाई और स्पष्ट नीति की मांग की। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास किसी तरह की ठोस जानकारी है तो वह सरकार के सामने रखे, कार्रवाई जरूर की जाएगी।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि विपक्ष को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर है, न कि बेबुनियाद आरोपों पर। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि “जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वे किसी भी रसूख वाले क्यों न हों।”
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही। अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कोडीन सिरप मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, खासकर तब जब विधानसभा सत्र अपने अहम चरण में है।
कुल मिलाकर, कोडीन कफ सिरप पर सीएम योगी का बयान जहां सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है, वहीं सपा विधायकों पर की गई टिप्पणी ने इस मुद्दे को सियासी बहस का नया मोड़ दे दिया है।
Also Read :
योगी आदित्यनाथ का अल्टीमेटम? यूपी BJP विधायकों के भविष्य पर सवाल !