वाराणसी स्थिति श्री काशी विश्वनाथ धाम आगमी 2 जनवरी तक बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर रोक लगाने का निर्णय मंदिर प्रशासन की तरफ से लिया गया है.
25 दिसंबर और नए साल के अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। इसी क्रम में इस बार भी भगवान शिव के सबसे बड़े दरबार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। इन्हीं में से एक बड़ा निर्णय बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन को अस्थायी रूप से बंद करने का है।

मंदिर प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक बाबा के स्पर्श दर्शन पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है। यह फैसला 25 दिसंबर और नए साल के दौरान श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए लिया गया है। मंदिर न्यास का कहना है कि इस दौरान श्रद्धालुओं को केवल सामान्य दर्शन की सुविधा ही उपलब्ध रहेगी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
प्रशासन के मुताबिक, हर साल क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में स्पर्श दर्शन के दौरान लंबा समय लगने और भीड़ बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

मंदिर प्रशासन ने बताया कि स्पर्श दर्शन बंद रहने की अवधि में श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कतारबद्ध दर्शन, बैरिकेडिंग, अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी जैसे इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और दर्शन के दौरान संयम बनाए रखें। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी रूप से लिया गया है। जैसे ही भीड़ सामान्य होगी, स्पर्श दर्शन को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से भी मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी रखेंगी। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और घाटों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए साल के अवसर पर VIP दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है, ताकि आम श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जा सके। पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि त्योहारों के दौरान वीआईपी मूवमेंट के कारण आम भक्तों को परेशानी होती है, ऐसे में इस बार संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भले ही स्पर्श दर्शन पर रोक लगाई गई हो, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन मात्र से ही उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। कई भक्तों ने प्रशासन के इस फैसले को उचित बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों की सुरक्षा सबसे अहम है।
कुल मिलाकर, 25 दिसंबर और नए साल 2026 को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक स्पर्श दर्शन पर रोक लगाकर प्रशासन ने यह साफ संकेत दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उम्मीद की जा रही है कि इन इंतजामों के चलते भक्त शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
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