फिरोजाबाद के आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक डबल डेकर यात्री बस में टायर फटने के बाद आग लग गई, हालांकि, गमीनत यह रही कि यात्रियों ने समय रहते बस से कूद अपनी जान बचा ली.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की तस्वीर सामने आई है, जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दौड़ती हुई एक डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई। यह घटना थाना सिरसागंज क्षेत्र में माइल स्टोन संख्या 76, कठफोरी कट के पास हुई, जिससे एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि बस में सवार सभी यात्रियों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली, वरना यह हादसा बड़ा रूप ले सकता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह डबल डेकर बस राजस्थान के अजमेर शरीफ से नेपाल जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। जैसे ही बस सिरसागंज क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक पीछे का एक टायर तेज आवाज के साथ फट गया। टायर फटने के तुरंत बाद बस से चिंगारी उठने लगी, जिसने कुछ ही पलों में भयावह रूप ले लिया।
इस घटना को लेकर सिरसागंज के क्षेत्राधिकारी अनिवेश कुमार सिंह ने बताया कि टायर फटने के बाद बस में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लग गई। शुरुआत में आग बस के निचले हिस्से में लगी, लेकिन देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में बस का निचला हिस्सा पूरी तरह जलने लगा।
पुलिस के अनुसार, पीछे का टायर फटने के बाद चलती बस से लगातार चिंगारी निकलने लगी। पहले तो यात्रियों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब धुआं और जलने की गंध आने लगी, तब बस के अंदर चीख-पुकार मच गई। स्थिति को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया।

बस के रुकते ही यात्रियों में जान बचाने की होड़ मच गई। कई यात्रियों ने बस के दरवाजे और खिड़कियों से कूदकर बाहर निकलना शुरू कर दिया। कुछ यात्री ऊपरी हिस्से में सवार थे, जिन्होंने नीचे कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। यात्रियों के बाहर निकलते ही बस कुछ ही क्षणों में आग का गोला बन गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही दिखाई देने लगीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
हादसे के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल देखा गया। कई यात्रियों का कहना था कि अगर ड्राइवर समय रहते बस नहीं रोकता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रियों ने ड्राइवर की सतर्कता और समझदारी की तारीफ की। हालांकि, कुछ यात्रियों को कूदने के दौरान हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और टायर फटने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि बस की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की तकनीकी जांच और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी जरूर बनकर सामने आई है।
फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं और प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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