पीएम मोदी आज लखनऊ में भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे, जिसमें भाजपा के विचारकों श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वाजपेयी की 25 दिसंबर को 101वीं जयंती है।
आज देश भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और स्मरण के साथ मना रहा है। अटल जी भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में रहे, जिन्होंने अपनी वाणी, विचार और व्यवहार से लोकतंत्र को नई ऊंचाइयाँ दीं। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें दिल्ली से लेकर लखनऊ तक विशेष आयोजन शामिल हैं।

दिल्ली में सदैव अटल पर प्रार्थना सभा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सदैव अटल स्मारक पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, सांसद और कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। प्रार्थना सभा में अटल जी के व्यक्तित्व, उनके काव्यात्मक भाषणों और राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों को याद किया जा रहा है। सदैव अटल आज फिर से देश के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
लखनऊ में पीएम मोदी का बड़ा कार्यक्रम
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम मोदी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग ढाई लाख लोगों के जुटने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। अटल जी की कर्मभूमि रहे लखनऊ में यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।

65 एकड़ में विकसित राष्ट्र प्रेरणा स्थल
‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ को 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विकसित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 230 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण के विचारों को समझने का एक जीवंत केंद्र है। यहां आने वाले लोग देश के महान नेताओं के जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे।
तीन महान विचारधाराओं को समर्पित परिसर
यह परिसर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचार और आदर्शों को समर्पित है। ये तीनों नेता भारतीय राजनीति में राष्ट्रवाद, अंत्योदय और सुशासन के प्रतीक माने जाते हैं। उनके विचार आज भी देश की नीतियों और जनजीवन को दिशा दे रहे हैं।
65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं बनीं आकर्षण का केंद्र
राष्ट्र प्रेरणा स्थल की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं। इन भव्य प्रतिमाओं में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को दर्शाया गया है। ये प्रतिमाएं उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रतीक हैं और आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेंगी।
अटल जी की विरासत को सहेजने का प्रयास
अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक संवेदनशील कवि, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी नेता भी थे। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, पड़ोसी देशों से संवाद की पहल और गठबंधन राजनीति को स्थायित्व देना उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के माध्यम से उनकी इस विरासत को संरक्षित करने और जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
प्रेरणा का केंद्र बनेगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल
उद्घाटन के बाद यह स्थल युवाओं, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में उभरेगा। यहां संग्रहीत विचार, स्मृतियां और प्रतीक देश के महान नेताओं के जीवन दर्शन को समझने का अवसर देंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर यह उद्घाटन उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों तक देश को प्रेरणा देता रहेगा।
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