उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में सरकारी बाग की जमीन पर बनीं मजार को प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दिया है. सुरक्षा के मद्देनजर इलाके भारी पुलिस बल तैनात रहा.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में शनिवार तड़के प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी बाग की जमीन पर बनी एक अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। लंबे समय से विवाद और शिकायतों के घेरे में रही इस मजार को लेकर प्रशासन पहले ही नोटिस जारी कर चुका था, लेकिन तय समयसीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर एक्शन की योजना बनाई, जिसे पूरी सतर्कता और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंजाम दिया गया।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मजार सरकारी बाग की जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई थी। स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर धार्मिक ढांचा खड़ा किया गया है। जांच के बाद प्रशासन ने इसे अवैध करार देते हुए हटाने का नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद मजार को नहीं हटाया गया, जिसके चलते अंततः ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
शनिवार सुबह करीब चार बजे पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गदरपुर थाने पर एकत्र हुई। इसके बाद लगभग पांच बजे एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में टीम सरकारी बाग की जमीन पर पहुंची। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर पहुंचने से पहले और कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई थी। हर बैरिकेडिंग प्वाइंट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

जैसे ही सुरक्षा व्यवस्था पूरी हुई, बुलडोजर एक्शन शुरू किया गया। प्रशासन की टीम ने चरणबद्ध तरीके से मजार को ध्वस्त करना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सील रखा गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों का कहना था कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया।
करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में पूरी मजार को जमींदोज कर दिया गया। ध्वस्तीकरण के बाद बचे मलबे को ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से मौके से हटाया गया और उसे प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन ने जमीन को पूरी तरह साफ कर अपने कब्जे में ले लिया।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी स्वरूप में क्यों न हो। पहले नोटिस दिया गया था और नियमों के अनुसार पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मजबूरी में ध्वस्तीकरण करना पड़ा।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस बल को कुछ समय तक मौके पर ही तैनात रखा गया। स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
इस बुलडोजर एक्शन के बाद जिले में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी तरह का निर्माण करने से पहले वैध अनुमति जरूर लें।
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