जमानत पर रोक के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज, बृजभूषण का विनेश पर तंज !

कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर द्वारा आरएसएस की तुलना अलकायदा से किए जाने पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले भी ऐसा करती रही है.

कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “कोर्ट जो फैसला करती है, वही अंतिम होता है और उस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।”

जमानत पर रोक के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज, बृजभूषण का विनेश पर तंज !
जमानत पर रोक के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज, बृजभूषण का विनेश पर तंज !

पूर्व सांसद ने यह बयान उस समय दिया जब उनसे सेंगर की जमानत पर रोक को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका अपना काम कर रही है और उसके फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि कानून और न्याय की प्रक्रिया में किसी भी राजनीतिक या व्यक्तिगत हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

विनेश फोगाट के आरोपों पर प्रतिक्रिया

विनेश फोगाट के आरोपों पर प्रतिक्रिया

वहीं, पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि किसी के आरोप लगाने या बयान देने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती। उन्होंने कहा, “हम किसी की क्या मदद कर सकते हैं? जो कर रही है, कोर्ट कर रही है। जो कोर्ट करेगी, उसका स्वागत हर व्यक्ति को करना पड़ेगा।” बृजभूषण ने साफ किया कि वह न्यायालय के फैसलों को सर्वोपरि मानते हैं और किसी भी तरह के व्यक्तिगत आरोपों पर प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं समझते।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अदालत ही तय करेगी कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष। उनके अनुसार, इस तरह के मामलों में भावनाओं या राजनीति के बजाय कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।

आरएसएस को लेकर कांग्रेस पर पलटवार

इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना आतंकी संगठन अलकायदा से किए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी आरएसएस को लेकर इस तरह की बयानबाजी करती रही है। बृजभूषण ने याद दिलाया कि एक समय कांग्रेस सरकार के दौरान आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की गई थी और कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाया भी गया था।

उन्होंने कहा कि आरएसएस देश का एक सांस्कृतिक संगठन है, जिसकी तुलना किसी आतंकी संगठन से करना पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। बृजभूषण के मुताबिक, कांग्रेस की यह पुरानी आदत रही है कि वह अपने राजनीतिक हितों के लिए आरएसएस को निशाना बनाती है।

दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी पर टिप्पणी से इनकार

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की तारीफ किए जाने के सवाल पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “दिग्विजय सिंह बड़े नेता हैं और राहुल गांधी उनसे भी बड़े नेता हैं, तो उन दोनों के बीच मेरी टिप्पणी बनती ही नहीं है।” इस बयान के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस के आंतरिक मामलों या नेताओं के आपसी बयानों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।

सियासी बयानबाजी के बीच अदालत पर भरोसा

अपने पूरे बयान के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका सर्वोपरि है। चाहे वह कुलदीप सिंह सेंगर का मामला हो या अन्य कोई संवेदनशील केस, अंतिम फैसला अदालत का ही होता है और सभी को उसे स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में कानून का राज है और हर नागरिक को न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी से मामलों का हल नहीं निकलता, बल्कि कानून और संविधान के तहत ही न्याय सुनिश्चित होता है।

इस तरह, सेंगर की जमानत पर रोक, विनेश फोगाट के आरोप, आरएसएस पर कांग्रेस नेताओं के बयान और दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों जैसे मुद्दों पर बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जो आने वाले दिनों में सियासी चर्चाओं को और तेज कर सकती हैं।

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