राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गया हैं. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM योगी आदित्यनाथ ने राम लला की पूजा-अर्चना की.
रामनगरी अयोध्या में बुधवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों की विधिवत शुरुआत हो गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम आगे बढ़े। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे और श्रीराम लला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के अनुष्ठान गणपति पूजा और मंडल पूजन के साथ प्रारंभ किए गए। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक क्रियाएं शास्त्रों और वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराई जा रही हैं। अनुष्ठानों में देशभर से आए आचार्य और विद्वान पंडित शामिल हुए, जिन्होंने विधि-विधान से पूजन कराया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मंदिर परिसर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और संत समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने श्री राम लला की पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। राजनाथ सिंह ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा में भाग लिया और आचार्यों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को लेकर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो क्लिप साझा की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पुनर्जागरण का केंद्र बन रहा श्री अयोध्या धाम। माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के साथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में….” मुख्यमंत्री के इस संदेश को बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और शुभकामनाएं दीं।

ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने आगे बताया कि प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही प्रकटोत्सव आरती का आयोजन भी होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यह आरती अत्यंत विशेष मानी जाती है और इसमें रामलला के दिव्य स्वरूप का विधिवत पूजन किया जाता है।
कार्यक्रम के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर के निकास द्वार के पास स्थित ऐतिहासिक अंगद टीला पर जनसमूह को संबोधित करेंगे। अंगद टीला का धार्मिक और पौराणिक महत्व भी बताया गया है, जहां से रामायण काल की कई कथाएं जुड़ी मानी जाती हैं। दोनों नेताओं के संबोधन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है।
प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
अयोध्या में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश से आए भक्त राम मंदिर में दर्शन कर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर पूरे शहर को भव्य रूप से सजाया गया है और मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अनुभव किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, राम मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि इसे अयोध्या के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के रूप में भी देखा जा रहा है। इस अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने आयोजन को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।
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