विगत 10 वर्षों से गरीबों के मसीहा बने हुए हैं शंकर लोधी ,कंबल पाकर ग्रामीणों के खिल उठे चेहरे
नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
रायबरेली : पूरे भारत सहित उत्तर प्रदेश के कई राज्यों और जिलों में इस समय कड़ाके की ठंड ने अपना जबरदस्त कहर बरपा रखा है। शीतलहर और गिरते तापमान के कारण आम जनमानस के साथ-साथ बेजुबान जानवर भी इस भीषण सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। गरीब, असहाय और बेघर लोगों के लिए यह ठंड किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे हालात में सरकार के साथ-साथ समाजसेवियों की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है, जो जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ठंड को लेकर पहले ही सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए थे कि ठंड के कारण किसी भी व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए कि जरूरतमंदों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिलों में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई, जहां लोगों के ठहरने, गर्म कपड़े और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे इन प्रयासों के बावजूद, समाजसेवी भी इस भीषण ठंड में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने में पीछे नहीं रहे हैं।
ऐसे ही एक समाजसेवी का नाम रायबरेली जनपद के पूरे सोमवंशी मजरे रेवसी गांव से सामने आया है। यहां समाजसेवी शंकर लोधी ने एक बार फिर इंसानियत और सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश की है। विगत कई वर्षों से समाजसेवा में जुटे शंकर लोधी ने इस वर्ष भी नए साल के उपलक्ष्य में सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। कड़ाके की ठंड में कंबल पाकर बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिली।

कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। जरूरतमंदों ने समाजसेवी शंकर लोधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस भीषण ठंड में कंबल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कई बुजुर्गों ने बताया कि सर्द रातों में ठंड से बचने के लिए उनके पास पर्याप्त साधन नहीं थे, लेकिन इस मदद ने उन्हें बड़ी राहत दी है।
गौरतलब है कि शंकर लोधी कोई राजनैतिक व्यक्ति नहीं हैं और न ही उनका किसी संगठन से कोई प्रत्यक्ष जुड़ाव है। वे न तो राजनीति से जुड़े हैं और न ही किसी पद या पहचान की लालसा रखते हैं। समाजसेवा उनके लिए दिखावा नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। वे वर्षों से अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंदों की मदद करते आ रहे हैं। चाहे किसी परिवार में दुख का समय हो या किसी को मदद की आवश्यकता, शंकर लोधी हमेशा आगे बढ़कर सहयोग करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शंकर लोधी हर सुख-दुख में गांव वालों के साथ खड़े रहते हैं। उनकी यही सादगी और सेवा भाव उन्हें खास बनाता है। गांव के लोगों ने कंबल वितरण कार्यक्रम के बाद शंकर लोधी की जमकर सराहना और प्रशंसा की। ग्रामीणों ने उन्हें “गरीबों का मसीहा” बताते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे निस्वार्थ समाजसेवी बहुत कम देखने को मिलते हैं।
इस अवसर पर शंकर लोधी ने कहा कि समाज की सेवा करना ही उनका परम कर्तव्य है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “जब तक मैं जीवित हूं, तब तक अपने समाज, अपने गांव और जरूरतमंद लोगों की सेवा करता रहूंगा। किसी की मदद करके जो सुकून मिलता है, वही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।” नए साल पर दिया गया यह उपहार न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना को भी और मजबूत कर गया।
निस्संदेह, भीषण ठंड के इस दौर में समाजसेवी शंकर लोधी की यह पहल किसी मसीहा से कम नहीं है, जो दूसरों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।
Also Read :
ठंड से बेहाल यूपी: कोहरे ने रोकी रफ्तार, 25 जिलों में कोल्ड-डे !