एम्स रायबरेली ब्लड सेंटर NABH प्रमाणित, मरीजों को मिलेगा बेहतर लाभ
नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
रायबरेली।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के रक्त केंद्र (ब्लड बैंक) को ब्लड बैंकिंग और ट्रांसफ्यूजन सेवाओं में राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने के लिए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता न केवल AIIMS रायबरेली की गुणवत्ता-आधारित कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीय सेवाओं के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।

NABH मान्यता प्राप्त करना किसी भी स्वास्थ्य संस्थान के लिए एक कठोर और बहुस्तरीय प्रक्रिया होती है। इसमें रक्त संग्रह, भंडारण, जांच, वितरण और ट्रांसफ्यूजन से जुड़ी हर प्रक्रिया का गहन मूल्यांकन किया जाता है। AIIMS रायबरेली के रक्त केंद्र ने इन सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि संस्थान में रक्त से जुड़ी सेवाएं अब और अधिक सुरक्षित, वैज्ञानिक तथा अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होंगी।
इस अवसर पर AIIMS रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने रक्त केंद्र की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि NABH मान्यता संस्थान की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि निरंतर सुधार, अनुशासन और टीम वर्क का परिणाम है। इससे भविष्य में संस्थान की सेवाओं पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

डीन (एकेडमिक्स) एवं पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमारी ने इस मान्यता को क्लिनिकल सेवाओं और एकेडमिक ट्रेनिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि NABH मान्यता से न केवल मरीजों को बेहतर और सुरक्षित रक्त सेवाएं मिलेंगी, बल्कि मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा। यह संस्थान के शैक्षणिक और शोध कार्यों को भी नई दिशा देगा।
रक्त बैंक की प्रभारी डॉ. अरुणप्रीत कौर ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी तकनीकी, नर्सिंग, क्लिनिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों के निरंतर परिश्रम और गुणवत्ता के प्रति समर्पण का नतीजा है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने NABH मानकों के अनुसार प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए लंबे समय तक लगातार मेहनत की, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए और आंतरिक ऑडिट के माध्यम से खामियों को दूर किया।
इस उपलब्धि पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश्वर पटाले, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तृप्ति लोखंडे और एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने क्लिनिकल और प्रशासनिक टीमों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यही टीम वर्क AIIMS रायबरेली को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
NABH मान्यता मिलने से रायबरेली और आसपास के जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। गंभीर रोगियों, दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और सर्जरी के दौरान सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना अब और अधिक सुदृढ़ व्यवस्था के तहत संभव होगा। इसके साथ ही AIIMS रायबरेली का रक्त केंद्र क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रणाली में एक भरोसेमंद और मानक-आधारित इकाई के रूप में स्थापित होगा।
कुल मिलाकर, AIIMS रायबरेली के रक्त केंद्र को मिली NABH मान्यता संस्थान की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। यह उपलब्धि भविष्य में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।