शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने बीजेपी को गुंडों की पार्टी बताया है. उन्होंने अजित पवार गुट पर भी हमला करते हुए कहा कि नैतिकता छोड़ अपराधियों के सहारे चुनाव लड़ा जा रहा है.
महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने न सिर्फ बीजेपी को निशाने पर लिया, बल्कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “भारतीय जनता पार्टी अब गुंडों की पार्टी बन गई है, ऑफिशियल। आप इसे भली-भांति जानते होंगे। यह एक गुंडों की पार्टी में तब्दील हो चुकी है।” राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अब ऐसे लोगों को आगे बढ़ा रही है, जिनका आपराधिक बैकग्राउंड रहा है और जिन्हें समाज में कुख्यात माना जाता है।
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए संजय राउत ने अजित पवार पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “उनके साथी अजित पवार, जिनकी पार्टी में महाराष्ट्र के सब गुंडे और कुख्यात अपराधी शामिल हैं। ऐसे लोग पुणे, मुंबई और नासिक जैसे बड़े शहरों में इनकी पार्टी के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।” राउत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब नगर निगम चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन की रणनीतियों पर चर्चा जोरों पर है।

संजय राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता के लालच में उन लोगों को टिकट दे रही है, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। उनका कहना था कि इससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और स्थानीय निकाय चुनावों की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। राउत ने सवाल उठाया कि जो पार्टी खुद को “सबसे अनुशासित” बताती है, वही अब कथित तौर पर अपराधियों के सहारे चुनावी मैदान में उतर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की जनता सब देख रही है और सही समय पर इसका जवाब देगी। राउत के मुताबिक, नगर निगम चुनाव केवल स्थानीय विकास का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि यह तय करेंगे कि प्रदेश की राजनीति किस दिशा में जाएगी। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना यूबीटी और अन्य विपक्षी दल जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी “बल और भय” के सहारे सत्ता बनाए रखना चाहते हैं।
इस बयान पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले भी बीजेपी नेताओं ने संजय राउत के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि वह सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाज़ी करते हैं। वहीं, अजित पवार गुट की ओर से भी अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस पर पलटवार जरूर किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर निगम चुनाव नजदीक आते ही महाराष्ट्र की राजनीति और ज्यादा आक्रामक हो जाएगी। खासकर मुंबई, पुणे और नासिक जैसे बड़े शहरी निकायों पर सभी दलों की नजर है, क्योंकि इन शहरों की राजनीति का असर पूरे राज्य पर पड़ता है। ऐसे में नेताओं के तीखे बयान चुनावी माहौल को और गरमा रहे हैं।
कुल मिलाकर, संजय राउत के इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी और अजित पवार पर लगाए गए आरोप आने वाले दिनों में चुनावी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। अब देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल इस हमले का किस तरह जवाब देते हैं और जनता इन आरोपों को किस नजर से देखती है।