उन्नाव केस: सेंगर की बेटी ने अमित शाह को लिखा पत्र !

कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने पत्र में लिखा कि पीड़िता मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान कर धमकी दे रही है कि कुलदीप सेंगर को जमानत या फिर रिहाई हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, जो बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके परिवार से जुड़ा है। कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक भावुक पत्र लिखकर पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ऐश्वर्या का कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्नाव केस: सेंगर की बेटी ने अमित शाह को लिखा पत्र !
उन्नाव केस: सेंगर की बेटी ने अमित शाह को लिखा पत्र !

पत्र में ऐश्वर्या सेंगर ने लिखा है कि पीड़िता लगातार सार्वजनिक मंचों, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे बयान दे रही है, जिनमें आत्महत्या या किसी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। ऐश्वर्या के अनुसार, पीड़िता यह कहती रही है कि यदि उनके पिता कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलती है या किसी कारणवश रिहाई होती है, तो वह आत्महत्या कर लेगी। इन बयानों को लेकर ऐश्वर्या ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

ऐश्वर्या सेंगर ने अपने पत्र में लिखा है कि ऐसे बयान न केवल संवेदनशील हैं, बल्कि भविष्य में किसी भी घटना की स्थिति में गंभीर कानूनी और सामाजिक जटिलताएं पैदा कर सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि पीड़िता या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना, दुर्घटना या आत्मघाती कदम उठाया जाता है, तो उसका सारा दोष उनके पिता कुलदीप सिंह सेंगर पर मढ़ दिया जाएगा, जबकि वह इस समय जेल में सजा काट रहे हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से समाज में तनाव का माहौल बनता है और मामले को राजनीतिक व भावनात्मक रूप से भड़काने का खतरा भी पैदा होता है। ऐश्वर्या ने लिखा कि उनके पिता पहले ही कानून के तहत सजा भुगत रहे हैं और न्यायिक प्रक्रिया अपने तय रास्ते पर चल रही है। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना न केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए, बल्कि पूरे मामले के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।

ऐश्वर्या सेंगर ने गृह मंत्री से आग्रह किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से पीड़िता को मानसिक शांति मिलेगी और बार-बार सार्वजनिक रूप से आत्महत्या या हत्या की आशंका जताने जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।

पत्र में ऐश्वर्या ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं है, बल्कि एक संभावित खतरे को टालने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने लिखा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई भी घटना पूरे मामले को और अधिक जटिल बना सकती है।

गौरतलब है कि उन्नाव रेप केस देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस केस में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से यह मामला समय-समय पर अलग-अलग वजहों से चर्चा में आता रहा है।

फिलहाल ऐश्वर्या सेंगर के इस पत्र के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है। अब यह देखना अहम होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इस पत्र पर क्या रुख अपनाता है और पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी इस पत्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि मामला न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और मानवीय पहलुओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

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