रायबरेली इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय का सराहनीय प्रयास, थुलेंडी में शिविर
नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
रायबरेली इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय, कैसरबाग लखनऊ द्वारा जनसेवा के उद्देश्य से एक नि:शुल्क मोतियाबिंद नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन आज दिनांक 08 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के बछरावां विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत थुलेंडी गांव में किया गया। यह शिविर डॉक्टर एम.के. कुरैशी के निवास पर आयोजित किया गया, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अपनी आंखों की जांच करवाई।
शिविर के दौरान कुल 73 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। जांच के दौरान चिकित्सकों की टीम ने पाया कि इनमें से 36 मरीजों में मोतियाबिंद के स्पष्ट लक्षण मौजूद हैं। इन सभी मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद लेंस प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी गई। चिकित्सकों ने मरीजों और उनके परिजनों को मोतियाबिंद की बीमारी, उसके लक्षण, इलाज की प्रक्रिया और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे लोगों में आंखों के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

चिकित्सालय प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि चिन्हित किए गए 36 मरीजों को मोतियाबिंद के लेंस प्रत्यारोपण के लिए इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय, कैसरबाग लखनऊ में 08 जनवरी 2026 को ही ले जाया जाएगा। वहां सभी मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन कर लेंस प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मरीजों के आवागमन, रहने और इलाज की समुचित व्यवस्था चिकित्सालय की ओर से की जाएगी, ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शिविर के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामवासी और क्षेत्रवासी शिविर स्थल पर पहुंचे और इस जनहितकारी पहल की सराहना की। कई बुजुर्गों ने बताया कि आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के कारण वे समय पर आंखों का इलाज नहीं करा पाते थे, लेकिन इस तरह के नि:शुल्क शिविर उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे शिविरों से न सिर्फ बीमारियों की पहचान होती है, बल्कि समय रहते इलाज भी संभव हो पाता है।
इस नेत्र परीक्षण शिविर में चिकित्सा टीम की अहम भूमिका रही। शिविर को सफल बनाने में डॉ. दीप पाठक का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने मरीजों की जांच और परामर्श में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा सलीम अलिक, कीर्ति, फिरदौस जहां, इमरान जरी, आतिश, ब्रिजेंद्र प्रताप, तंजीम कुरैशी, फरहान, जतिन, हारून सहित अन्य स्वयंसेवकों और सहयोगियों ने व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इन सभी लोगों ने पंजीकरण, मरीजों की लाइन व्यवस्था, जांच के बाद परामर्श और जानकारी देने जैसे कार्यों में पूरी निष्ठा से सहयोग किया।
डॉ. एम.के. कुरैशी ने शिविर के आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र रोगों की समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद एक सामान्य लेकिन गंभीर नेत्र रोग है, जो समय रहते इलाज न होने पर अंधेपन का कारण बन सकता है। ऐसे में इस तरह के शिविर लोगों के जीवन में रोशनी लौटाने का काम करते हैं।
इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय, कैसरबाग लखनऊ के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। भविष्य में भी इस प्रकार के नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति आंखों के इलाज से वंचित न रहे।
कुल मिलाकर, थुलेंडी गांव में आयोजित यह नि:शुल्क मोतियाबिंद नेत्र परीक्षण शिविर जनसेवा और सामाजिक सरोकार का एक सराहनीय उदाहरण साबित हुआ। ग्रामीणों ने आयोजकों और चिकित्सकों का आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की।
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