मेरठ मामले को लेकर योगी सरकार पर भड़के शिवपाल सिंह यादव !

Meerut मामले में सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बद्तर हो गई है.

मेरठ में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और जसवंतनगर विधायक शिवपाल सिंह यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है और सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर सिर्फ झूठे वादे कर रही है।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मेरठ की यह घटना बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया हमेशा की तरह केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित रह जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं, खासकर दलित और कमजोर वर्ग की महिलाएं, सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सपा नेता ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है और जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

मेरठ मामले को लेकर योगी सरकार पर भड़के शिवपाल सिंह यादव !
मेरठ मामले को लेकर योगी सरकार पर भड़के शिवपाल सिंह यादव !

जसवंतनगर विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस सिर्फ आरोपियों के पैर में गोली मारकर अपनी पीठ थपथपाने में लगी है, जबकि अपराध रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। शिवपाल यादव ने दावा किया कि सरकार के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।

मेरठ मामले पर सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि बहुजन समाज पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार को घेरा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यूपी में मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के अंतर्गत दलित मां की हत्या और बेटी के अपहरण की ताजा घटना अति-दुखद, शर्मनाक और चिंतनीय है।

मायावती ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि महिलाओं की इज्जत और आबरू से खिलवाड़, उसके बाद हत्या जैसी घटनाएं प्रदेश में लगातार सामने आ रही हैं, जो सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों को पूरी गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आपराधिक तत्वों में भय पैदा हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बसपा प्रमुख ने खास तौर पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस दिशा में समुचित और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून बनाने या दावे करने से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करना होगा।

मेरठ की इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। विपक्षी दल लगातार योगी सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि आए दिन हत्या, बलात्कार, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इन्हें रोकने में असफल साबित हो रही है।

वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मेरठ की घटना आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्ष इसे महिला सुरक्षा और दलित उत्पीड़न से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। दूसरी ओर, सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, मेरठ की इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और दलितों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

Also Read :

2027 को लेकर विनय कटियार का दावा, यूपी की इस सीट पर नजर!