JDU में RCP सिंह की एंट्री तय? बयान से बढ़ीं अटकलें!

 चुनावी (विधानसभा) माहौल में आरसीपी सिंह ने जन सुराज का दामन थामा. जन सुराज के ही सिंबल पर उनकी बेटी लता सिंह चुनाव लड़ी थीं. अब देखना होगा कि कब तक आरसीपी सिंह जेडीयू में आते हैं.

बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कद्दावर नेता रहे आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। इन अटकलों को हवा खुद आरसीपी सिंह ने दी है। पटना में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

JDU में RCP सिंह की एंट्री तय? बयान से बढ़ीं अटकलें!
JDU में RCP सिंह की एंट्री तय? बयान से बढ़ीं अटकलें!

बीते रविवार, 11 जनवरी 2026 को पटना में पटेल समाज की ओर से आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह आमने-सामने नजर आए। इसी कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में आरसीपी सिंह ने ऐसे बयान दिए, जिन्हें उनकी जेडीयू में संभावित ‘घर वापसी’ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह कभी अलग नहीं थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “नीतीश कुमार और मैं एक ही हैं। हम कभी अलग नहीं रहे।” इस बयान को राजनीतिक जानकार बेहद अहम मान रहे हैं, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में दोनों के रिश्तों में आई तल्खी किसी से छिपी नहीं रही है।

JDU में RCP सिंह की एंट्री तय? बयान से बढ़ीं अटकलें!
JDU में RCP सिंह की एंट्री तय? बयान से बढ़ीं अटकलें!

आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि बिहार की जनता आज भी नीतीश कुमार को पसंद करती है। उन्होंने कहा कि पटेल समाज ने दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था और उन्हें भी बुलाया गया। आरसीपी सिंह ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से नीतीश कुमार को करीब से जानते हैं और उनसे बेहतर मुख्यमंत्री को कोई नहीं जान सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है। आरसीपी सिंह के इस बयान को जेडीयू नेतृत्व के प्रति उनके नरम रुख के रूप में देखा जा रहा है।

जब मीडिया ने उनसे सीधे तौर पर जेडीयू में वापसी को लेकर सवाल किया, तो आरसीपी सिंह ने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “खरमास खत्म होने का इंतजार कीजिए।” उनके इस एक वाक्य ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। बिहार की राजनीति में ‘खरमास’ के बाद बड़े राजनीतिक फैसले लिए जाने की परंपरा रही है, ऐसे में इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि आरसीपी सिंह कभी जेडीयू के सबसे मजबूत स्तंभों में गिने जाते थे। वे नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे और पार्टी संगठन से लेकर सरकार तक उनकी मजबूत पकड़ रही है। वे केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि, समय के साथ उनके और जेडीयू नेतृत्व के बीच मतभेद सामने आए, जिसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर होना पड़ा।

जेडीयू से अलग होने के बाद आरसीपी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से भी जुड़ाव दिखाया। उस समय बिहार में महागठबंधन की सरकार थी और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे थे।

अब एक बार फिर जब बिहार की राजनीति नए मोड़ पर खड़ी है, आरसीपी सिंह के बयान को जेडीयू के लिए एक बड़े सियासी संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी होती है, तो इसका असर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, आरसीपी सिंह के बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि खरमास खत्म होते ही क्या वाकई जेडीयू में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा या नहीं।

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